गोरखपुर में स्मृति समारोह की तैयारी:बिस्मिल शोध पीठ, स्वर्ण पदक और पाठ्यक्रम में जीवनी शामिल करने की मांग
गोरखपुर में अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल के बलिदान शताब्दी वर्ष के अवसर पर गोरखपुर में 17 से 19 दिसंबर, 2026 तक तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्मृति समारोह आयोजित किया जाएगा। महुआ डाबर संग्रहालय की ओर से आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर मुंशी प्रेमचंद पार्क, बेतियाहाता में आयोजन समिति की बैठक हुई। इसमें धीरेंद्र प्रताप, सुरेंद्र कुमार, पवन कुमार, संजू चौधरी, मारुतिनंदन चतुर्वेदी, विक्की, मोहम्मद सलमान, सर्वेश पासवान, आँचल कुमारी, सुनीता अबाबील, जयंत राज और राजकुमार मौजूद रहे। समारोह के संयोजक अविनाश कुमार गुप्ता ने बताया कि शताब्दी वर्ष की मांगों को लेकर जिला जज राजकुमार सिंह, नगर आयुक्त अजय जैन, अपर नगर आयुक्त गौरव रंजन श्रीवास्तव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, जिलाधिकारी दीपक मीणा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा, कारागार अधीक्षक दिलीप पांडेय, गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति केपी सिंह, सांसद रवि किशन, केंद्रीय मंत्री एवं सांसद कमलेश पासवान और सांसद राम भुआल निषाद से बैठक हो चुकी है। महुआ डाबर संग्रहालय के महानिदेशक डॉ. शाह आलम राना ने बताया कि 43 सूत्रीय प्रस्ताव सरकार और संबंधित विभागों को भेजा गया है। इसमें गोरखपुर विश्वविद्यालय में रामप्रसाद बिस्मिल शोध पीठ, स्वर्ण पदक, केंद्रीय विश्वविद्यालय, शहीद छात्रवृत्ति और स्कूल पाठ्यक्रम में बिस्मिल का जीवन-चरित्र शामिल करने की मांग है। प्रस्ताव में 19 दिसंबर को जिला कारागार स्थित बलिदान स्थल पर 21 गन शॉट की सलामी, 100 रुपये का स्मारक सिक्का, पांच रुपये का डाक टिकट, डिजिटल अभिलेखागार, देशभर में 100 स्मारक उपवन और ‘बलिदान एक्सप्रेस’ चलाने की मांग भी शामिल है। गौरव यात्राओं, राष्ट्रीय संगोष्ठियों, पुस्तकों, फिल्मों और नाटकों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम की विरासत नई पीढ़ी तक पहुंचाने की योजना है।
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