हाईकोर्ट बेंच मांग: कल न्यायिक काम नहीं करेंगे वकील:अधिवक्ता संरक्षण कानून लागू कराने को आंदोलन तेज, बुधवार को सहारनपुर में होगी बैठक
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर वकीलों का आंदोलन अब और तेज होगा। हाई कोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति ने फैसला लिया है कि पश्चिमी यूपी के 22 जिलों और तहसील बार एसोसिएशनों के वकील हर महीने के प्रत्येक बुधवार को अदालतों में न्यायिक काम नहीं करेंगे। इसी फैसले के तहत बुधवार 7 अक्टूबर को भी वकील पूरे दिन न्यायिक काम से दूर रहेंगे। समिति की ओर से जारी प्रस्ताव में बताया गया कि कानपुर बार एसोसिएशन और दि लायर्स एसोसिएशन, कानपुर की ओर से 10 और 11 सितंबर को हुए दो दिवसीय अधिवक्ता महासम्मेलन में कई फैसले लिए गए थे। इनमें प्रदेश में अधिवक्ता संरक्षण कानून लागू करने और इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से बार एसोसिएशनों को हड़ताल नहीं करने का शपथपत्र देने के लिए मजबूर किए जाने का मुद्दा भी शामिल है। समिति का कहना है कि पश्चिमी यूपी की जनता को सस्ता, आसानी से मिलने वाला और जल्द न्याय दिलाने के लिए हाईकोर्ट बेंच की मांग पिछले 50 साल से चल रही है। इसी मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। बैठक में पश्चिमी यूपी के 22 जिलों और तहसील बार एसोसिएशनों के अध्यक्ष और महामंत्री ने अपने सुझाव दिए। इसके बाद बुधवार को न्यायिक काम से दूर रहने का फैसला लिया गया। सहारनपुर में कल होगी बैठक हाई कोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक बुधवार 7 अक्टूबर को सुबह 11 बजे सहारनपुर बार एसोसिएशन के कचहरी परिसर स्थित सभागार में होगी। इसमें पश्चिमी यूपी की बार एसोसिएशनों के पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक में आगे के आंदोलन को लेकर चर्चा होगी। समिति ने सभी बार एसोसिएशनों से बैठक में शामिल होकर अपने सुझाव देने और आंदोलन को आगे बढ़ाने में सहयोग करने की अपील की है।
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