हाईकोर्ट की डबल बेंच में अपील करेंगे शिक्षामित्र:TET परीक्षा में शामिल करने की मांग, संघ बोला- 73 हजार के भविष्य का मामला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी के 73 हजार शिक्षामित्रों की स्पेशल TET-2026 में शामिल करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगने के बाद शिक्षामित्र अब नए सिरे से अपनी मांग को लेकर तैयारी में हैं। संघ ने ऐलान किया है कि वह हाईकोर्ट की डबल बेंच में जाएंगे। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष वसीम अहमद ने कहा न्यायालय से बड़ी आशा थी। हम हिम्मत नहीं हारे हैं। हम डबल बेंच में जाएंगे और नए सिरे से दलीलों के साथ अपील करेंगे। यह शिक्षा मित्रों के भविष्य का सवाल है। हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद शिक्षामित्रों ने नए सिरे से तैयारी शुरू की है। शिक्षामित्रों ने कई बैठकें कीं। वरिष्ठ वकीलों ने मशवरा किया है। एक्सपर्ट ओपीनियन ले रहे हैं। जानिये फैसले के बाद शिक्षामित्रों का नजरिया शिक्षामित्रों का कहना है कि वे 26 वर्षों से लगातार सेवा दे रहे हैं। जब प्राइवेट विद्यालय, मान्यता प्राप्त विद्यालय के अध्यापकों को टीईटी परीक्षा में शामिल किया गया, एडेड विद्यालय के अध्यापकों को शामिल किया गया, संविदा कर्मी स्पेशल एजुकेटर को शामिल किया गया तो शिक्षामित्र को वंचित करना गलत है। डबल बेंच में मामला रखेंगे। पूर्ण विश्वास है कि राहत मिलेगी। शिक्षा मित्रों की सेवा को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। 1.43 लाख शिक्षामित्र संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष वसीम अहमद का कहना है कि 70-75 हजार शिक्षा मित्रों के भविष्य की लड़ाई है। वर्तमान में 1 लाख 43 हजार शिक्षामित्र कार्यरत हैं, जिसमें 70 हजार के आसपास शिक्षामित्र टीईटी (TET) पास हैं। और 70-73 हजार के आसपास अभी टेट पास नहीं हो पाए हैं। जानिये हाईकोर्ट ने फैसले में क्या कहा यूपी के 73 हजार शिक्षामित्रों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को कोर्ट ने उनकी स्पेशल TET-2026 में शामिल करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। जस्टिस मंजू रानी चौहान ने कहा- याचिकाकर्ता सिर्फ इस आधार पर स्पेशल TET में शामिल होने का अधिकार नहीं मांग सकते कि वे सामान्य TET में बैठने के योग्य हैं। इनकी कानूनी स्थिति सरकारी टीचर से अलग है। याचिका पिछले साल सितंबर महीने में वसीम अहमद समेत 220 शिक्षामित्रों ने दाखिल की थी। कहा था- हमें भी स्पेशल TET में बैठने का मौका दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने 24 सितंबर को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट के फैसले के बाद यूपी प्राथमिक शिक्षामित्र संघ प्रदेश उपाध्यक्ष वसीम अहमद ने कहा कि यह फैसला दुखद है। हम लोग अगली अदालत में जाएंगे, डबल बेंच में जाएंगे। वहां से पूर्ण विश्वास है कि मुझे राहत मिलेगी। प्रदेश में करीब 1.43 लाख शिक्षामित्र हैं। इनमें से करीब 73 हजार ने अभी तक टीईटी पास नहीं किया है, जबकि करीब 70 हजार शिक्षामित्र यह परीक्षा पास कर चुके हैं। हाईकोर्ट ने कहा- शासन का फैसला सही हाईकोर्ट ने कहा- अभी आप शिक्षक ही नहीं हैं, तो शिक्षकों के लिए होने वाली टीईटी परीक्षा में कैसे शामिल हो सकते हैं? सरकार का फैसला सही है, शासनदेश में कोई खामी नहीं है। आरटीई एक्ट में शिक्षक और नॉन शिक्षक के प्रावधान साफ हैं। टीईटी शिक्षकों के लिए है, जो शिक्षक नहीं है, उनके लिए नहीं है। कानून की दृष्टि से शिक्षामित्र शिक्षक नहीं हैं। ऐसे में उनकी मांग जायज नहीं कही जा सकती। वसीम बोले- अब डबल बेंच में जाएंगे यूपी प्राथमिक शिक्षामित्र संघ प्रदेश उपाध्यक्ष वसीम अहमद ने कहा कि हम लोग तो बहुत आशान्वित थे। मामला रिजर्व हुआ था। आज खारिज हुआ, यह दुखद है। हम लोग हिम्मत के साथ आगे की लड़ाई लड़ेंगे। माननीय न्यायालय में हम लोग डबल बेंच में जाएंगे और अपील करेंगे। इस आदेश से कहीं न कहीं हम लोगों की क्षति हुई है, नुकसान हुआ है। 26 वर्षों से हम लोग लगातार सेवा दे रहे हैं। जब प्राइवेट विद्यालय, मान्यता प्राप्त विद्यालय के अध्यापकों को शामिल किया गया, एडेड विद्यालय के अध्यापकों को शामिल किया गया, संविदा कर्मी स्पेशल एजुकेटर को शामिल किया गया, तो शिक्षामित्र को वंचित करना यह गलत है। जानिए, क्या है स्पेशल TET परीक्षा स्पेशल TET यूपी में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षामित्रों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा है। इसे राज्य शिक्षा सेवा चयन आयोग ने उन शिक्षकों के लिए शुरू किया है, जिन्होंने अभी तक टीईटी या सीटीईटी पास नहीं किया है। यह परीक्षा केवल परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत ऐसे शिक्षकों और शिक्षामित्रों के लिए है, जिन्होंने इनमें से कोई भी परीक्षा पास नहीं की है। जो शिक्षक पहले ही टीईटी या सीटीईटी पास कर चुके हैं, उन्हें यह परीक्षा देने की जरूरत नहीं होगी। 5 सितंबर से आवेदन, 3 नवंबर को परीक्षा शिक्षा सेवा चयन आयोग ने स्पेशल TET का विज्ञापन 3 सितंबर को जारी किया था। 5 सितंबर से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, OTR और आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अभ्यर्थी 4 अक्टूबर तक आवेदन शुल्क जमा कर सकेंगे।आवेदन में किसी तरह का संशोधन करने की अंतिम तारीख 8 अक्टूबर तय की गई है। स्पेशल TET की परीक्षा 3 नवंबर को होगी, जो 150 अंकों की होगी। इसमें ऑब्जेक्टिव सवाल पूछे जाएंगे। परीक्षा ढाई घंटे की होगी। हर सवाल एक अंक का होगा, लेकिन निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। शिक्षामित्रों को क्यों चाहिए स्पेशल टीईटी? शिक्षामित्र लंबे समय से अपनी नौकरी स्थायी करने और शिक्षक पद पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को स्पेशल टीईटी देने का मौका मिल रहा है, तो शिक्षामित्रों को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए। कई शिक्षामित्रों ने अभी तक टीईटी पास नहीं किया है। ऐसे में शिक्षक पद के लिए पात्रता हासिल करने के लिहाज से यह परीक्षा उनके लिए महत्वपूर्ण है। स्पेशल टीईटी में शामिल करने की मांग को लेकर शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन भी किए और हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की। हालांकि, हाईकोर्ट के फैसले के बाद शिक्षामित्रों को स्पेशल टीईटी में शामिल करने की मांग पर फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। 2028 तक TET पास करना जरूरी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 1 सितंबर को दिए आदेश में सभी कार्यरत शिक्षकों के लिए 31 अगस्त 2028 तक TET पास करना जरूरी किया था। इसके बाद शिक्षक संगठनों ने विशेष राहत की मांग को लेकर आंदोलन किया था। शासन ने कार्यरत शिक्षकों के लिए अलग से विशेष TET कराने की घोषणा की थी। अब इसकी कार्ययोजना को मंजूरी दे दी गई है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)