हाईकोर्ट ने रद्द किया बाजपेयी ढाबे की कुर्की का आदेश:जिला मजिस्ट्रेट भदोही को संपत्ति तत्काल मुक्त करने का निर्देश; कोर्ट ने कहा- कुर्की के लिए ठोस आधार जरूरी
भदोही के गोपीगंज स्थित बाजपेयी ढाबे की कुर्की के मामले में हाईकोर्ट ने राकेश बाजपेयी को राहत दी है। अदालत ने उनकी अपील स्वीकार करते हुए ढाबे की कुर्की के आदेश रद्द कर दिए। साथ ही जिला मजिस्ट्रेट, भदोही को संपत्ति तत्काल मुक्त करने का निर्देश दिया है। यह मामला वर्ष 2023 में गोपीगंज थाने में अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमे से जुड़ा है। गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने 14 जून 2024 को ढाबे को कुर्क करने का आदेश दिया था। इसके बाद विशेष न्यायाधीश ने 7 सितंबर 2024 को कुर्की के आदेश को सही ठहराया था। इस फैसले को राकेश बाजपेयी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। पैतृक जमीन पर निर्माण और भाइयों के योगदान की दी दलील अपीलकर्ता की ओर से अधिवक्ता धीरज पांडेय और सूर्य प्रताप सिंह परमार ने अदालत में दलील दी कि ढाबा पैतृक जमीन पर बना है और इसके निर्माण में भाइयों का भी योगदान है। ऐसे में संपत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई उचित नहीं है। प्रशासन की ओर से ढाबे की कीमत करीब 75 लाख रुपये बताई गई थी, लेकिन इस मूल्यांकन के समर्थन में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। संदेह के आधार पर नहीं हो सकती संपत्ति की कुर्की मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि किसी संपत्ति को आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा साबित करने के लिए ठोस आधार होना जरूरी है। केवल संदेह के आधार पर संपत्ति कुर्क नहीं की जा सकती। इसी आधार पर अदालत ने कुर्की के आदेशों को रद्द करते हुए जिला मजिस्ट्रेट को संपत्ति तत्काल मुक्त करने का निर्देश दिया।
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