हाथी परमा-मोहन के साथ निकली महिला की शवयात्रा:15 किमी लंबी यात्रा में 12 गांवों के लोग आए; 100 से ज्यादा गाड़ियां चलीं
संभल में बुधवार शाम एक बुजुर्ग महिला की अंतिम शव यात्रा चर्चा का विषय बन गई। यात्रा में परिवार के पालतू हाथी परमा और मोहन भी शामिल हुए। 15 किलोमीटर लंबी यात्रा में 12 से ज्यादा गांवों के लोग पहुंचे। शाम करीब 5 बजे शव यात्रा बबराला कस्बे से होकर राजघाट गंगा की ओर गई। सुबह 4 बजे हुई महिला की मौत रामबेटी देवी (74) रजपुरा थाना क्षेत्र के ब्यौरा गांव की रहने वाली थीं। वह स्व. नत्थू सिंह की पत्नी थीं। बुधवार तड़के करीब 4 बजे उनकी मौत हुई। इसकी जानकारी बेटों मनवीर और चरन सिंह को मिली। इसके बाद परिवार में मातम छा गया। 15 किलोमीटर लंबी रही शव यात्रा ब्यौरा गांव से राजघाट गंगा तक करीब 15 किलोमीटर लंबी शव यात्रा निकली। इसमें ब्यौरा, न्यौरा, अमरपुर, मकसूदनपुर, सैंडोरा, जैतोरा सागरपुर, पवसरा, मेहुआ हसनगंज, सिंहदलपुर, हिरौनी, रजावली, रजपुरा, भिरावटी और शाहपुर समेत आसपास के गांवों के लोग शामिल हुए। सबसे आगे चले परिवार के पालतू हाथी शव यात्रा में सबसे आगे परिवार के पालतू हाथी परमा और मोहन चले। इसके पीछे 100 से ज्यादा वाहन भी शामिल रहे। बबराला कस्बे से यात्रा गुजरने के दौरान करीब 25 मिनट तक जाम की स्थिति बनी रही। हाथियों के साथ शव यात्रा देखकर कस्बे के लोग भी रुककर देखने लगे। शिव और कृष्ण की झांकी भी शामिल अंतिम यात्रा में भगवान शंकर और कृष्ण की झांकी भी शामिल थी। हाथियों और बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण यह शव यात्रा इलाके में चर्चा का विषय बन गई। 200 साल से परिवार में पाले जा रहे हाथी मृतका के बेटे मनवीर ने बताया कि उनके दादा करन सिंह के समय से परिवार में हाथी पाले जाते हैं। फिलहाल परिवार के पास परमा और मोहन नाम के दो हाथी हैं। दोनों की उम्र करीब 78 साल बताई गई है। पिता की मौत के बाद मां ने संभाली हाथियों की जिम्मेदारी मनवीर के मुताबिक उनका परिवार 200 साल से ज्यादा समय से हाथी पाल रहा है। आसपास के क्षेत्र में परिवार की पहचान हाथी पालने वाले परिवार के रूप में है। साल 2012 में उनके पिता की मौत के बाद उनकी मां रामबेटी देवी ने हाथियों की देखभाल की। अब हाथियों की जिम्मेदारी परिवार के पास है। दोनों बेटों का परिवार खेती भी करता है मनवीर की पत्नी डबलेश हैं। उनके तीन बच्चे हैं। बेटा स्वामी (18) और बेटियां कुशांत (15) व ज्योति (11) हैं। चरन सिंह की पत्नी ममता हैं। उनके भी तीन बच्चे हैं। बेटा निशांत (12) और बेटियां दिव्या (9) व कीर्ति (5) हैं। परिवार के पास करीब 40 बीघा खेती की जमीन भी है।
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