हाथरस में डकैती और गैंगरेप के दोषी को उम्रकैद:2015 में घर में घुसकर 3 महिलाओं से गैंगरेप, इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई के आदेश

Sep 24, 2026 - 18:47
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हाथरस में डकैती और गैंगरेप के दोषी को उम्रकैद:2015 में घर में घुसकर 3 महिलाओं से गैंगरेप, इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई के आदेश
हाथरस में न्यायालय ने बुधवार दोपहर करीब 3 बजे डकैती और गैंगरेप के मामले में दोषी जाहिद को उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई। घटना 15 नवंबर 2015 को हसायन कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। बदमाशों ने घर में घुसकर पुरुषों के हाथ-पैर बांध दिए थे। इसके बाद घर की तीन महिलाओं के साथ गैंगरेप किया गया था। बदमाश घर से 25 हजार रुपए नकद, मंगलसूत्र, कुंडल, कौंधनी और पाजेब समेत अन्य सामान ले गए थे। घर के बाहर बंधे पशु भी खोलकर ले गए थे। शोर मचने पर एक बदमाश पकड़ा गया था घटना के दौरान शोर मचने पर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए थे। ग्रामीणों ने जाहिद नाम के एक बदमाश को पकड़ लिया था, जबकि अन्य आरोपी मौके से भाग गए थे। पीड़ित पक्ष के मुताबिक, अगले दिन सुबह जब वह थाने पहुंचा तो पुलिस ने शिकायत में दुष्कर्म की बात दर्ज नहीं की और केवल चोरी का मामला दर्ज किया। पुलिस ने शुरुआती विवेचना के बाद जाहिद के खिलाफ सिर्फ चोरी की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद पीड़ित के प्रार्थनापत्र पर मामले की दोबारा जांच की गई। नई विवेचना के बाद जाहिद के खिलाफ दुष्कर्म और डकैती समेत अन्य धाराओं में दोबारा चार्जशीट दाखिल की गई। विशेष एससी-एसटी कोर्ट में हुई सुनवाई मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) हर्ष अग्रवाल की अदालत में हुई। कोर्ट ने जाहिद निवासी मोहनपुर, थाना अवागढ़, एटा और हाल निवासी कस्बा पुरदिलनगर, हाथरस को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में उम्रकैद का अर्थ दोषी के प्राकृतिक जीवन के शेष समय तक जेल में रहना होगा। कोर्ट ने जुर्माने की रकम सभी पीड़ित महिलाओं के बीच बराबर बांटने के निर्देश दिए हैं। इंस्पेक्टर पर घोर लापरवाही की टिप्पणी अदालत ने तत्कालीन विवेचक इंस्पेक्टर सुरेश चौहान की जांच में गंभीर कमियां पाए जाने पर कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट के अनुसार, इंस्पेक्टर ने अपनी मर्जी से मामले की विवेचना में घोर लापरवाही बरती, जो बेहद आपत्तिजनक है। अदालत ने झूठे साक्ष्य जुटाने और वास्तविक तथ्यों को छिपाने के आरोपों के संबंध में पुलिस के उच्चाधिकारियों को सुरेश चौहान के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है। बाकी आरोपियों की विवेचना पर भी उठाया सवाल कोर्ट ने इस बात की भी जांच कराने को कहा है कि पिछले करीब 11 वर्षों में दोषी जाहिद के अलावा मामले में शामिल बताए गए अन्य 8-9 आरोपियों के खिलाफ आगे की विवेचना क्यों नहीं की गई। अदालत ने यह भी जांच करने के निर्देश दिए हैं कि अन्य आरोपियों को लाभ पहुंचाने के लिए कौन जिम्मेदार रहा। अदालत की इन टिप्पणियों के बाद अब संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका और मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ विवेचना नहीं होने के कारणों की जांच का रास्ता साफ हुआ है।

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