होमगार्ड भर्ती में डॉक्टरों ने 3 लाख रुपए घूस ली:एक लाख का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन मिला, जेल जाने में बिगड़ी तबीयत, उर्सला में भर्ती
कानपुर में होमगार्ड भर्ती के दौरान मेडिकल जांच में डॉक्टरों ने अभ्यथियों से जमकर वसूली की। ENT विशेषज्ञ डॉक्टर प्रवीण कुमार के पास पुलिस को 30,500 रुपए कैश मिला, जबकि तीन खातों में यूपीआई के जरिए घूस का एक लाख रुपया लिया गया। 22 अभ्यर्थियों से तीन लाख रुपए लिए जाने के सबूत पुलिस को मिले हैं। पुलिस को डॉक्टर प्रवीण के ड्राइवर के पास से एक लिस्ट मिली है, जिसमें अभ्यर्थियों के नाम और उनसे वसूले गए रुपए का लेखा-जोखा है। इस मामले में पुलिस ने पैनल में शामिल डॉक्टर प्रवीण कुमार, उसके ड्राइवर अजीत और डॉ. महेश द्विवेदी को गिरफ्तार कर लिया। मेडिकल के समय तीनों आरोपियों की तबीयत बिगड़ी पुलिस डॉक्टर प्रवीण कुमार, अजीत और डॉ. महेश द्विवेदी का मेडिकल कराने उर्सला लेकर पहुंची। जहां प्रवीण कुमार ने एंजाइना (सीने में होने वाला दर्द या बेचैनी), महेश ने सर्वाइकल और अजीत ने हेड इंजरी होने का हवाला देते हुए तबीयत बिगड़ने की बात कही। जिसके बाद उन्हें पुलिस ने उर्सला अस्पताल में एडमिट कराया, लेकिन कोतवाली थाने में तीनों आरोपियों की हालत ठीक थी। तीनों अपने रिश्तेदारों और परिचितों से खूब बातचीत कर रहे थे। गुरुवार को परीक्षार्थियों ने किया था हंगामा पुलिस लाइन में 15 अक्टूबर को होमगार्ड भर्ती परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों के दस्तावेज और मेडिकल चेकअप किया जा रहा था। इसके लिए पहले दिन 200 अभ्यर्थियों को मेडिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया। मेडिकल टेस्ट के लिए सीएमओ की ओर से चार–चार सदस्यीय डॉक्टरों के दो पैनल गठित किए गए थे। इसमें डॉ. प्रवीण, डॉ. महेश द्विवेदी और डॉ. देवेंद्र सिंह राजपूत भी अभ्यर्थियों का डॉक्टरी परीक्षण कर रहे थे। रात करीब आठ बजे परीक्षार्थियों ने डॉक्टरों पर नाक टेढ़ी और आंख में दिक्कत बताकर पास कराने के नाम पर रुपये मांगे गए। परीक्षा पास कराने के नाम पर रुपये मांगने को लेकर अभ्यर्थियों ने हंगामा कर दिया। डॉ. प्रवीण के ड्राइवर अजीत को जमकर पीटा गया और पुलिस को सौंप दिया गया। होमगार्ड इंस्पेक्टर ने दर्ज कराई FIR इस मामले में होमगार्ड इंस्पेक्टर सुधांशु सिंह की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने अजीत कुमार, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. महेश कुमार द्विवेदी, डॉ. देवेंद्र सिंह राजपूत और दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। कोतवाली एसीपी अमित कुमार पांडेय ने बताया कि डॉ. प्रवीण, डॉ. महेश और अजीत को गिरफ्तार कर लिया गया है। तीनों को मेडिकल कराकर जेल भेजा जा रहा था, जहां उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। जिसपर उन्हें उर्सला अस्पताल में एडमिट किया गया है। इस तरह खुली डॉक्टरों के भ्रष्टाचार की पोल पुलिस जांच में सामने आया है कि होमगार्ड की मेडिकल परीक्षा के लिए दो भाइयों को चयन हुआ था। पैसा देने के बाद एक भाई को मेडिकल हो गया, उसे फिट कर दिया गया। इसी बीच दूसरा भाई भी डॉक्टरों के एजेंट को पैसा देकर पहुंचा। यहां लाइन लगी हुई थी। उस अभ्यर्थी ने पहले मेडिकल करने को कहा तो दूसरे अभ्यर्थियों ने विरोध शुरू कर दिया। उसने कहा, मेरा मेडिकल पहले होगा। मैने पैसा दिया है, उससे अभ्यर्थियों ने पूछा तो उसने डॉ. प्रवीण का नाम लिया। जिसके बाद घूसखोरी का खुलासा हुआ। 10 से 50 हजार रुपये तक वसूला गया परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि मेडिकल पैनल में मौजूद डॉक्टर नाक टेढ़ी और आंख में समस्या होने की बात बताकर परीक्षार्थियों को अनफिट करने लगे। नाक टेढ़ी बताकर 10 से 15 हजार रुपये जबकि आंख में दिक्कत होने पर 50 हजार रुपये मांगे गए। डॉ. प्रवीण का ड्राइवर अजीत रुपये वसूल रहा था। उसने यूपीआई के जरिये कई खातों में घूस की रकम ली। पुलिस को कई यूपीआई ट्रांजेक्शन आईडी मिली हैं जिससे अभ्यर्थियों ने रुपये ट्रांसफर किए हैं। फोन पे करने के भी साक्ष्य पुलिस को मिले हैं। पुलिस के मुताबिक करीब 40 अभ्यर्थियों ने रुपये देने का आरोप लगाया है। पुलिस को 22 अभ्यर्थियों से तीन लाख रुपये से अधिक की वसूली के साक्ष्य भी मिले हैं। 200 में 180 का टेस्ट 70 किए गए फेल प्राथमिक जांच में सामने आया है, कि गुरुवार को मेडिकल परीक्षा के पहले दिन 200 बच्चों में 180 का परीक्षण किया गया। दरअसल परीक्षा सुबह सुबह नौ बजे शुरू होनी थी, लेकिन डॉ. प्रवीण दोपहर एक बजे के बाद पहुंचे। जिसके बाद मेडिकल परीक्षण शुरू हो सका। शुरूआत में करीब 20 अभ्यर्थियों का सही परीक्षण हुआ, उसके बाद नाक, आंख में दिक्कत बताकर फेल किया जाने लगा। करीब 70 अभ्यर्थियों को फेल किया गया। फिर पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों को पर्ची पर एक नंबर लिखकर दिया गया और उस पर संपर्क करने को कहा गया। एसीपी कोतवाली अमित पांडेय ने बताया कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों के बैग और मोबाइल जमा थे, लेकिन एक चपरासी के कहने पर अभ्यर्थियों को बैग दे दिए गए। इसी के बाद मोबाइल से ट्रांजेक्शन हुआ। कुछ अभ्यथियों ने फोन करके परिजनों को पैसा लेकर बुलाया। डॉक्टरों ने रुपए लेने की बात स्वीकारी एसीपी अमित कुमार पांडेय ने बताया कि डॉ प्रवीण और डॉ. महेश ने पूछताछ में अभ्यर्थियों को पास कराने के नाम पर रुपए लेने की बात कबूल की है। डॉ. प्रवीण कुमार का ड्राइवर अजीत है। उसे डॉ. ने बचपन से बेटे की तरह पाला है। अजीत ने पूछताछ मे पुलिस को बताया कि डॉ. प्रवीण के कहने पर ही उसने अभ्यर्थियों से यूपीआई, फोन पे के जरिये रुपये लिए। साथ में दो अन्य लोग और थे लेकिन उसने उनका नाम पुलिस को नहीं बताया। कैश रुपये लेकर वह लोग भाग निकले।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)