झांसी रेलवे बिजली उत्पादन में भी हो रहा आत्मनिर्भर:छह महीने में 2.89 लाख यूनिट का उत्पादन, बाहर कम हुई खरीद
झांसी में रेलवे ने सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से छह महीने में 13.30 लाख रुपये की बचत की है। वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन, मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय सहित विभिन्न रेलवे परिसरों में लगाए गए सोलर पैनल से अप्रैल से सितंबर 2026 तक 2.89 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ। इससे बिजली खर्च में कमी आने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। पहले 2 तस्वीर देखिए… झांसी क्षेत्र में अब तक कुल 481 किलोवाट पीक क्षमता के सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं। हाल ही में इसमें 130 किलोवाट पीक क्षमता की वृद्धि की गई है। रेलवे की ओर से स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम की जा सके। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से सितंबर तक सौर ऊर्जा से कुल 2.8906 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ। इससे रेलवे को लगभग 13.30 लाख रुपये की बचत हुई। वहीं, सौर ऊर्जा के उपयोग से करीब 243 मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आने का दावा किया गया है। रेलवे परिसरों में सोलर पैनल लगाने से बिजली की जरूरतों को स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से पूरा करने में मदद मिल रही है। इससे परिचालन लागत कम करने के साथ पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को घटाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण भारतीय रेल की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। सौर ऊर्जा जैसी पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाकर रेलवे को अधिक टिकाऊ, किफायती और हरित बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
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