हरदोई में रश्मिरथी मंचन से जीवंत हुई कर्ण की वीरगाथा:रसखान प्रेक्षागृह में दिनकर की कालजयी रचना ने मोहा दर्शकों का मन

Oct 05, 2026 - 08:23
0
हरदोई में रश्मिरथी मंचन से जीवंत हुई कर्ण की वीरगाथा:रसखान प्रेक्षागृह में दिनकर की कालजयी रचना ने मोहा दर्शकों का मन
हरदोई में रविवार रात 9 बजे से 12 बजे तक रसखान प्रेक्षागृह में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी रचना ‘रश्मिरथी’ का भव्य नाट्य मंचन हुआ। भारतेंदु नाट्य अकादमी, संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त आयोजन में महाभारत के महान योद्धा कर्ण के जीवन, संघर्ष, वीरता, दान, निष्ठा और आत्मसम्मान की गाथा मंच पर जीवंत हुई। कर्ण के किरदार में मानवेन्द्र त्रिपाठी ने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। नाटक की प्रस्तुति रवि शंकर खरे ने की। नाट्य रूपांतरण अनिल मेहरोत्रा ने किया, जबकि परिकल्पना और निर्देशन मानवेन्द्र त्रिपाठी का रहा। मंचन में कर्ण के साथ कृष्ण, कुंती, परशुराम, द्रोणाचार्य, कृपाचार्य, दुर्योधन, इंद्र, भीष्म, शल्य, धृतराष्ट्र, विदुर, पांडवों और द्रौपदी जैसे प्रमुख पात्रों के जरिए कथा को आगे बढ़ाया गया। अभिनय के साथ संगीत, पार्श्व स्वर, ध्वनि, प्रकाश, रूपसज्जा, वस्त्र विन्यास और मंच सज्जा ने प्रस्तुति को प्रभावी बनाया। ‘रश्मिरथी’ केवल कर्ण की वीरगाथा नहीं, बल्कि जन्म से अधिक कर्म, संघर्ष और चरित्र की ऊंचाई को महत्व देने वाली रचना है। नाटक में सामाजिक भेदभाव, पहचान, मित्रता,मातृत्व, गुरु-शिष्य संबंध, धर्म-संकट और मानवीय गरिमा जैसे प्रश्नों को भी प्रभावी ढंग से सामने रखा गया। कर्ण के संघर्ष और स्वाभिमान ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती पीके वर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष सुखसागर मिश्र मधुर, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बाब्बन, सिटी मजिस्ट्रेट संजय सिंह,राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य श्याम नारायण यादव समेत सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी,भाजपा कार्यकर्ता,प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। आयोजकों और कलाकारों ने कहा कि छोटे शहरों और स्थानीय मंचों से ही अनेक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।बदलते समय में नाट्य मंचन की विधा कमजोर हो रही है। ऐसे आयोजनों से कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने और भविष्य के बड़े मंचों तक पहुंचने का अवसर मिलता है। कलाकारों ने सरकार से ऐसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को लगातार प्रोत्साहित करने की अपेक्षा जताई,ताकि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाएं राष्ट्रीय पटल तक पहुंच सकें। यह प्रस्तुति राष्ट्रनायक नाट्य यात्रा के तहत हुई, जिसका उद्देश्य साहित्यिक कथाओं को रंगमंच के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User