बिहार मंत्रिमंडल विस्तार आज, सम्राट चौधरी सरकार में 31 मंत्री लेंगे शपथ
बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार आज पटना के गांधी मैदान में होगा। कुल 31 मंत्री शपथ लेंगे जबकि निशांत कुमार समेत कई नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना है।
दि राइजिंग न्यूज डेस्क | 7 मई 2026 ।
पटना के गांधी मैदान में होगा भव्य शपथ ग्रहण समारोह
बिहार की राजनीति में आज बड़ा दिन माना जा रहा है क्योंकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार होने जा रहा है। राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और कई स्थानों पर विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। समारोह में देश के कई बड़े राष्ट्रीय नेताओं के शामिल होने की संभावना के चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दे रहा है। राजधानी को राजनीतिक पोस्टरों और स्वागत बैनरों से सजाया गया है।
मंत्रिमंडल में कुल 31 मंत्री होंगे शामिल
सूत्रों के अनुसार सम्राट चौधरी सरकार में कुल 31 मंत्री शपथ लेंगे जबकि दो मंत्री पद अभी खाली रखे जाएंगे। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच मंत्रिपदों का बंटवारा भी लगभग तय माना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के खाते में 14 मंत्री, जनता दल यूनाइटेड के खाते में 13 मंत्री, लोक जनशक्ति पार्टी के खाते में 2 मंत्री, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के हिस्से में 1 मंत्री तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 1 मंत्री पद मिलने की चर्चा है। यह विस्तार आगामी राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
पांच नए चेहरों को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार ने बताया कि इस बार केवल पांच नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है जबकि अधिकांश पुराने मंत्रियों पर फिर से भरोसा जताया गया है। नए संभावित मंत्रियों में निशांत कुमार, दामोदर रावत, बुलो मंडल, भगवान सिंह और श्वेता गुप्ता के नाम प्रमुख रूप से सामने आए हैं। पार्टी का मानना है कि अनुभव और नए नेतृत्व के संतुलन के साथ सरकार को मजबूत बनाया जाएगा। विभागों का अंतिम फैसला मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार मिलकर करेंगे।
भाजपा के तीन मंत्रियों का कट सकता है पत्ता
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के तीन वरिष्ठ नेताओं को इस बार मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल सकती है। जिन नेताओं के नाम चर्चा में हैं उनमें मंगल पांडे, नारायण प्रसाद और सुरेंद्र मेहता शामिल बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि संगठन और सरकार के बीच नए संतुलन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि अभी तक इस संबंध में आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।
निशांत कुमार की राजनीति में औपचारिक एंट्री
बिहार की राजनीति में सबसे अधिक चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को लेकर हो रही है। जानकारी के अनुसार उन्हें मंत्री पद की शपथ लेने के लिए औपचारिक सूचना दे दी गई है। शपथ ग्रहण से पहले निशांत कुमार ने अपने पिता नीतीश कुमार का आशीर्वाद लिया और इसके बाद गांधी मैदान के लिए रवाना होने की तैयारी की। लंबे समय से राजनीति से दूरी बनाए रखने वाले निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति में एंट्री को जनता दल यूनाइटेड के लिए बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
विपक्ष ने उठाया परिवारवाद का मुद्दा
राष्ट्रीय जनता दल ने निशांत कुमार को मंत्री बनाए जाने की संभावना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि वर्षों तक परिवारवाद के खिलाफ बोलने वाले नेताओं ने आखिरकार अपने परिवार को ही राजनीति में आगे बढ़ाया है। सामाजिक माध्यमों पर विपक्षी नेताओं ने इसे सिद्धांतों से समझौता बताते हुए सरकार को घेरने की कोशिश की है। हालांकि जनता दल यूनाइटेड के नेताओं का कहना है कि निशांत कुमार को उनकी क्षमता और जनस्वीकार्यता के आधार पर जिम्मेदारी दी जा रही है।
समारोह में शामिल होंगे कई बड़े राष्ट्रीय नेता
पटना में होने वाले इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के कई वरिष्ठ नेताओं के पहुंचने की संभावना है। इस कारण पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत मजबूत कर दिया गया है। गांधी मैदान और उसके आसपास के क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा बल, खोजी दल और निगरानी दल तैनात किए गए हैं। प्रशासन किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए लगातार निगरानी बनाए हुए है।
बिहार में नए राजनीतिक समीकरणों की शुरुआत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मंत्रिमंडल विस्तार केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि आने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी का हिस्सा भी है। सम्राट चौधरी सरकार सामाजिक और जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश कर रही है ताकि व्यापक राजनीतिक समर्थन हासिल किया जा सके। नए चेहरों को अवसर देने के साथ पुराने नेताओं को बनाए रखना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। बिहार की राजनीति में यह विस्तार आने वाले दिनों में कई नए समीकरण पैदा कर सकता है।
राजधानी पटना में उत्सव जैसा माहौल
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजधानी पटना में उत्साह का माहौल दिखाई दे रहा है। शहर के प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों पर बड़े-बड़े स्वागत द्वार बनाए गए हैं। भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में गांधी मैदान पहुंच रहे हैं। कई स्थानों पर ढोल-नगाड़ों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी तैयारी की गई है। समर्थकों का कहना है कि नई सरकार बिहार के विकास को नई दिशा देगी और राज्य में तेज गति से विकास कार्य होंगे।