हत्याकांड के आरोपियों से जुड़ी सरकारी जमीन से कब्जा हटाया:देवरिया में 20 डिसमिल में खड़ी धान की फसल जेसीबी से हटाई, ट्रैक्टर चलाकर जमीन कराई कब्जामुक्त
देवरिया के लार थाना क्षेत्र के भीखम छपरा गांव में रामेश्वर तिवारी हत्याकांड के आरोपियों से जुड़ी सरकारी जमीन पर कथित कब्जे के खिलाफ तहसील प्रशासन ने गुरुवार को कार्रवाई की। दोपहर करीब 3 बजे प्रशासन की टीम जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर गांव पहुंची। टीम ने सरकारी जमीन पर खड़ी धान की फसल हटवाने के बाद ट्रैक्टर चलाकर करीब 20 डिसमिल भूमि से कब्जा हटाया। इस दौरान लार पुलिस मौके पर मौजूद रही। प्रशासन ने रविवार को नायब तहसीलदार रविंद्र मौर्या की निगरानी में सरकारी जमीन की पैमाइश कराई थी। राजस्व निरीक्षक रामइकबाल विश्वकर्मा के नेतृत्व में नौ लेखपालों की टीम ने मौके पर राजस्व अभिलेखों और जमीन की स्थिति का मिलान किया था। राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर करीब 20 डिसमिल सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि होने की बात सामने आई। इसके बाद तहसील प्रशासन ने गुरुवार को कब्जा हटाने की कार्रवाई की। हत्याकांड के बाद परिजनों ने की थी बुलडोजर कार्रवाई की मांग एक अक्टूबर को रामेश्वर तिवारी की हत्या के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने आरोपियों से जुड़े सरकारी जमीन के कथित कब्जे को हटाने के लिए प्रशासन से बुलडोजर कार्रवाई की मांग भी की थी। इसके बाद राजस्व विभाग ने जमीन की पैमाइश कराई थी। पुलिस के बाद राजस्व विभाग ने भी शुरू की कार्रवाई रामेश्वर तिवारी हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई भी जारी है। दो नाबालिग आरोपियों की पहले गिरफ्तारी हो चुकी है। रविवार को पुलिस ने एक अन्य आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। अब राजस्व विभाग की कार्रवाई के बाद आरोपियों से जुड़े भूमि संबंधी मामलों में भी प्रशासनिक कार्रवाई आगे बढ़ रही है। पैमाइश टीम में लेखपाल रणजीत प्रसाद, सत्यप्रकाश, अरविंद पाठक, प्रदीप चौहान, इंदुप्रकाश पाठक, अंकित श्रीवास्तव, अभिनव कुमार मिश्रा और संजीव गुप्ता समेत राजस्व कर्मी शामिल रहे। कार्रवाई के दौरान गांव में लोगों की भीड़ जुटी रही।
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