IIT-BHU गैंगरेप केस; फास्ट ट्रैक कोर्ट में आज फिर सुनवाई:आरोपियों पर तय हो सकती है भूमिका, गुरुवार को ADGC ने नहीं की थी बहस

Oct 09, 2026 - 08:02
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IIT-BHU गैंगरेप केस; फास्ट ट्रैक कोर्ट में आज फिर सुनवाई:आरोपियों पर तय हो सकती है भूमिका, गुरुवार को ADGC ने नहीं की थी बहस
IIT-BHU परिसर में छात्रा से हुए सनसनीखेज सामूहिक दुष्कर्म मामले में आज यानी 9 अक्टूबर को वाराणसी की फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) में दोबारा सुनवाई होने जा रही है। न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत में इस बहुचर्चित प्रकरण को लेकर कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ेगी। इससे पहले गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) मनोज गुप्ता द्वारा बहस न किए जाने के कारण मामले को आज के लिए टाल दिया गया था। कोर्ट ने आज की तारीख तय करते हुए दोनों पक्षों को अपनी तैयारियों के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को अभियोजन की तरफ से बहस की शुरुआत की जा चुकी है, जिसके बाद से इस केस में अदालती सरगर्मी काफी बढ़ गई है। दावा - पत्रावली में सभी पुख्ता साक्ष्य शामिल अभियोजन की ओर से अदालत के समक्ष यह स्पष्ट कर दिया गया है कि आरोपियों के खिलाफ सजा दिलाने के लिए पर्याप्त और बेहद मजबूत सबूत मौजूद हैं। पत्रावली (केस फाइल) में पीड़िता के मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज बयानों के साथ-साथ मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण गवाहों के बयानों को भी शामिल किया गया है। सरकारी वकील का दावा है कि घटना की रात से लेकर अब तक पुलिस की विवेचना में जो भी कड़ियां सामने आई हैं, उन्हें आपस में जोड़ने पर तीनों आरोपियों की इस घिनौने अपराध में सीधी भूमिका साफ तौर पर साबित होती है। साक्ष्यों की यह मजबूत चेन आरोपियों की मुश्किलें बढ़ाने के लिए काफी है। बचाव पक्ष का अवसर खत्म, तीनों आरोपियों के वकील रहेंगे मौजूद इस मुकदमे में कोर्ट का रुख भी त्वरित न्याय (फास्ट ट्रैक) को लेकर साफ दिखाई दे रहा है। पिछली सुनवाइयों के दौरान अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए बचाव पक्ष की ओर से सफाई साक्ष्य (अपने पक्ष में सबूत) प्रस्तुत करने का अवसर पूरी तरह समाप्त कर दिया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि मामले को बेवजह लंबा नहीं खींचा जा सकता। इसके बाद अदालत ने सीधे अंतिम बहस के लिए तिथियां निर्धारित कर दी थीं। आज होने वाली इस महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान मामले के तीनों आरोपियों की ओर से उनके अधिवक्ता अदालत में मौजूद रहेंगे, जो अभियोजन के दावों और साक्ष्यों पर अपनी अंतिम दलीलें पेश करने की कोशिश करेंगे। अब जानिए क्या है पूरा मामला… 2 नवंबर 2023 की रात दहला था परिसर यह पूरा मामला 2 नवंबर 2023 की देर रात का है, जिसने पूरे देश और बीएचयू परिसर को झकझोर कर रख दिया था। घटना के अनुसार, आईआईटी की एक छात्रा रात के समय बीएचयू परिसर के भीतर से गुजर रही थी, तभी मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों ने उसे रोक लिया। इन युवकों ने छात्रा के साथ जबरदस्ती की और सुनसान जगह पर ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद बदहवास पीड़िता ने किसी तरह अपनी जान बचाई और वाराणसी के लंका थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई। कैंपस के भीतर हुई इस वारदात के बाद छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया था और सुरक्षा को लेकर हफ्तों तक बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। विवेचना में सामने आए थे कुणाल, आनंद और सक्षम के नाम लंका थाना पुलिस ने जब इस संवेदनशील मामले की विवेचना शुरू की, तो सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मुखबिरों से मिले इनपुट्स के आधार पर तीन युवकों के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने तफ्तीश के बाद सुंदरपुर स्थित बृज एन्क्लेव के रहने वाले कुणाल पांडेय, बजरडीहा के जीवाधिकारपुर निवासी आनंद उर्फ अभिषेक चौहान और सक्षम पटेल को गिरफ्तार किया। इन तीनों को इस गैंगरेप मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया। फिलहाल यह तीनों न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं और इनके खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में स्पीडी ट्रायल (त्वरित सुनवाई) चल रहा है। आज होने वाली बहस के बाद यह तय हो जाएगा कि इस मामले में कोर्ट फैसले की तरफ कब कदम बढ़ाएगी।

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