इमरान खान के समर्थन में मार्च, इस्लामाबाद में 22 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात
पाकिस्तान में इमरान खान के समर्थन में प्रस्तावित मार्च को लेकर इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शहर में करीब 22 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और बड़ी संख्या में सड़कों पर अवरोधक लगाए गए हैं। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई के बीच इमरान खान के परिवार के सदस्यों की हिरासत भी चर्चा में है। मार्च को लेकर सरकार और विपक्षी दल के बीच तनाव बना हुआ है।
दि राइजिंग न्यूज़ | इस्लामाबाद | 26 सितंबर 2026
पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने इस्लामाबाद की ओर मार्च का आह्वान किया है। मार्च से पहले राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और करीब 22 हजार पुलिसकर्मी तथा अन्य सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। प्रमुख रास्तों पर अवरोध लगाए गए हैं और सार्वजनिक सभाओं पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
इमरान खान की रिहाई को लेकर मार्च की तैयारी
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने जेल में बंद अपने नेता इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन और इस्लामाबाद मार्च का आह्वान किया है। पार्टी का कहना है कि इमरान खान के जेल में इलाज, परिवार और वकीलों से मुलाकात तथा उनके मामलों की सुनवाई को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। इमरान खान वर्ष 2023 से जेल में हैं और अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते रहे हैं। मार्च को लेकर पाकिस्तान सरकार और पीटीआई के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है।
इस्लामाबाद में 22 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात
प्रस्तावित मार्च को देखते हुए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में करीब 22 हजार पुलिसकर्मी और अन्य सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। अधिकारियों ने शहर में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है। कई स्थानों पर रास्तों को बंद करने के लिए बड़ी संख्या में माल ढोने वाले कंटेनर लगाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, प्रमुख पुलों पर रेत की बोरियां भी रखी गई हैं और कुछ मार्गों को पूरी तरह बंद किया गया है।
एक हजार से अधिक कंटेनरों से रास्ते बंद
इस्लामाबाद में प्रमुख सड़कों और प्रवेश मार्गों पर एक हजार से अधिक कंटेनर लगाए गए हैं। कुछ कंटेनरों में सुरक्षा के लिए नुकीले अवरोध भी लगाए गए हैं, ताकि प्रदर्शनकारियों के लिए राजधानी में प्रवेश करना मुश्किल हो। राजधानी की ओर जाने वाले प्रमुख राजमार्गों पर भी रोक लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था के कारण शहर में सामान्य आवाजाही और कारोबार प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं।
पीटीआई नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई
मार्च से पहले पाकिस्तान में पीटीआई से जुड़े कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पार्टी के कई नेताओं को हिरासत में लिए जाने या उनके खिलाफ गिरफ्तारी आदेश जारी होने की खबरें सामने आई हैं। इमरान खान की तीन बहनों अलीमा खान, उज़मा खान और नूरीन नियाज़ी को भी हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों ने इन हिरासतों को सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के आधार पर बताया है।
इमरान खान की तीन बहनों को हिरासत में लिया गया
इमरान खान की बहन अलीमा खान को लाहौर में 20 सितंबर को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उनकी दो अन्य बहनों उज़मा खान और नूरीन नियाज़ी को भी हिरासत में लिया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, तीनों को पंजाब के सार्वजनिक व्यवस्था संबंधी कानून के तहत 30 दिनों के लिए हिरासत में रखने का आदेश दिया गया। इन कार्रवाइयों को लेकर पीटीआई और उनके परिवार की ओर से आपत्तियां जताई गई हैं तथा कानूनी चुनौती भी दी गई है।
खैबर पख्तूनख्वा से बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने की तैयारी
इमरान खान की पार्टी को खैबर पख्तूनख्वा में मजबूत राजनीतिक आधार प्राप्त है और वहां से बड़ी संख्या में समर्थकों के इस्लामाबाद पहुंचने की बात कही गई है। प्रांत के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने मार्च जारी रखने की बात कही है। उनके अनुसार, पार्टी इमरान खान के जेल में इलाज और उनके मामलों की निष्पक्ष सुनवाई से जुड़े मुद्दों को उठाना चाहती है। दूसरी ओर, प्रांतीय गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने सुरक्षा व्यवस्था को सावधानी के तौर पर उचित बताया है।
सरकार और पीटीआई के बीच आमने-सामने की स्थिति
पाकिस्तान सरकार ने प्रदर्शनकारियों को राजधानी में प्रवेश करने से रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। वहीं पीटीआई नेताओं ने कहा है कि वे इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेंगे। सरकार की ओर से सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और संभावित हिंसा को रोकने की बात कही गई है। दोनों पक्षों के बयानों के बीच इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था लगातार कड़ी की जा रही है।
कारोबार और आम लोगों पर भी असर
राजधानी के प्रमुख रास्तों को बंद किए जाने और आवाजाही पर प्रतिबंधों का असर आम लोगों और कारोबारियों पर पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, कई कारोबारियों को सामान की आपूर्ति में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर के कुछ निवासियों ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रतिबंधों के कारण रोजमर्रा की गतिविधियों में परेशानी की बात कही है। राजधानी में लंबे समय तक रास्ते बंद रहने से स्थानीय व्यापार और परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है।
इमरान खान के जेल में हालात को लेकर भी विवाद
पीटीआई की ओर से आरोप लगाया गया है कि इमरान खान को जेल में पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिल रही है और उन्हें परिवार तथा वकीलों से मिलने में भी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, इमरान खान के खिलाफ चल रहे मामलों को लेकर पाकिस्तान की न्यायिक प्रक्रिया जारी है। इमरान खान अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते रहे हैं। उनकी पार्टी इन मुद्दों को मार्च और देशव्यापी प्रदर्शन के प्रमुख कारणों में शामिल कर रही है।
मार्च को लेकर आगे क्या होगा
इमरान खान की पार्टी के प्रस्तावित मार्च को लेकर पाकिस्तान में राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी गतिविधियां तेज हो गई हैं। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में 27 सितंबर के प्रदर्शन की तैयारी और सरकार की ओर से राजधानी में सुरक्षा बढ़ाए जाने की जानकारी दी गई है। कुछ रिपोर्टों में मार्च को आगे बढ़ाने पर पार्टी के भीतर चर्चा का भी उल्लेख है। ऐसे में मार्च की अंतिम समय-सारिणी और उसका स्वरूप पीटीआई के अगले फैसलों पर निर्भर करेगा।
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