राहुल गांधी का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की बड़ी मांग

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और कथित मतदाता अनियमितताओं के मुद्दे पर इंडिया गठबंधन ने दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेता इसमें शामिल हुए। राहुल गांधी की कानूनी टीम सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री पहुंची। विपक्ष ने निष्पक्ष चुनाव और मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों पर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की, जबकि भाजपा ने मार्च की आलोचना की।

Oct 12, 2026 - 17:37
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राहुल गांधी का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की बड़ी मांग

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 12 अक्टूबर 2026

नई दिल्ली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और कथित मतदाता सूची अनियमितताओं के मुद्दे पर इंडिया गठबंधन ने सोमवार, 12 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली में मार्च निकाला। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़े। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में गड़बड़ियां हुई हैं। गठबंधन के नेताओं ने इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करते हुए याचिका दाखिल करने की तैयारी की। इस मार्च को कांग्रेस ने ‘चलो दिल्ली—लोकतंत्र के लिए मार्च’ नाम दिया।

सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़े राहुल गांधी और विपक्षी नेता

इंडिया गठबंधन के नेता दोपहर में दिल्ली के बाराखंभा रोड क्षेत्र में एकत्र हुए और वहां से सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़े। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव सहित कई विपक्षी नेता इस कार्यक्रम में शामिल हुए। मार्च के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस ने कई प्रमुख मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी थी।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग

विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण और कथित मतदाता अनियमितताओं से जुड़े मामलों में गंभीर सवालों के जवाब मिलने चाहिए। विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने की मांग की। हालांकि, विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों को सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता; इनकी पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और सक्षम संस्थाओं की जांच से ही होगी।

राहुल गांधी बोले—यह लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई

मार्च से पहले राहुल गांधी ने कहा कि यह लड़ाई केवल किसी एक राजनीतिक दल या नेता की नहीं, बल्कि देश के भविष्य, लोकतंत्र और संविधान की है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचने से रोका जा रहा है और राजधानी में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि उनकी पार्टी को विभिन्न सरकारी विभागों से महत्वपूर्ण जानकारियां मिल रही हैं। इन दावों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।

राहुल गांधी की कानूनी टीम पहुंची सुप्रीम कोर्ट

प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी की कानूनी टीम सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री पहुंची। समाचार में दी गई जानकारी के अनुसार, टीम कथित चुनावी अनियमितताओं से जुड़े मुद्दों पर व्यक्तिगत रूप से याचिका दाखिल करने के संबंध में समय बढ़ाने का अनुरोध कर रही थी। राहुल गांधी ने पहले कहा था कि इंडिया गठबंधन के नेता कथित मतदाता अनियमितताओं के खिलाफ न्यायालय में अपनी बात रखेंगे। विपक्ष का कहना है कि वह इस मामले में कानूनी रास्ता अपनाकर जवाबदेही तय कराना चाहता है।

अखिलेश यादव ने भाजपा और चुनाव आयोग पर साधा निशाना

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मार्च के दौरान भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों की शिकायतों के बावजूद स्थिति में पर्याप्त सुधार नहीं हुआ है। अखिलेश ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उल्लेख करते हुए दोहरे मतदाताओं और कथित गलत प्रविष्टियों से जुड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी मांगों को लेकर कानूनी रास्ता अपनाएगा और सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।

सरकार से मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग

अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को विपक्ष की शिकायतें सुननी चाहिए और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ उठाए गए सवालों पर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों में बदलाव करने से विरोध की आवाज समाप्त नहीं होगी। विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते रहेंगे। हालांकि, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग पर किसी अंतिम निर्णय की जानकारी इस समाचार में नहीं दी गई है।

कांग्रेस और विपक्षी दलों ने बताया लोकतांत्रिक अधिकारों का मामला

कांग्रेस सांसद सचिन पायलट ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि सुप्रीम कोर्ट उसकी बात सुने और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर विचार करे। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दल सिद्धांत से जुड़े इस मामले में न्यायालय के समक्ष अपनी याचिकाएं प्रस्तुत करेंगे। विपक्षी नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों और निष्पक्ष चुनाव से जुड़ा मुद्दा बताया। उनका कहना है कि शिकायतों का समाधान संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कही यह बात

मार्च से पहले भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के द्वार प्रत्येक नागरिक के लिए खुले हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी नागरिक या निर्वाचित जनप्रतिनिधि याचिका के माध्यम से अपनी समस्या न्यायालय के सामने रख सकता है। न्यायालय कानून के अनुसार मामले पर विचार करेगा और उचित निर्णय देगा। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात के लिए समय मांगा था, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद विपक्ष ने न्यायालय में याचिका दाखिल करने की दिशा में आगे बढ़ने का निर्णय लिया।

संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज को पुलिस ने हिरासत में लिया

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध मार्च का नेतृत्व किया। समाचार में दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में लिया। इससे पहले भी प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की खबरें सामने आई थीं। विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन के अधिकार और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं। पुलिस की कार्रवाई से संबंधित सभी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

भाजपा ने विपक्ष के मार्च पर उठाए सवाल

भाजपा नेताओं ने इंडिया गठबंधन के मार्च और राहुल गांधी के आरोपों की आलोचना की। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाकर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहा है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि यदि विपक्ष को मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज पर आपत्ति है, तो उसे लोकतांत्रिक और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। भाजपा का कहना है कि विपक्ष चुनावी हार के बाद चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है।

अखिलेश यादव का दावा—भाजपा सत्ता में नहीं लौट पाएगी

मार्च के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा पर चुनाव आयोग के माध्यम से कथित तौर पर मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष होती है, तो भाजपा के लिए सत्ता में बने रहना मुश्किल होगा। अखिलेश ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए दावा किया कि इस मुद्दे पर विपक्ष पीछे हटने वाला नहीं है। ये बयान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष के राजनीतिक आरोप और दावे हैं, न कि किसी न्यायिक निष्कर्ष की पुष्टि।

दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, कई मार्गों पर असर

इंडिया गठबंधन के मार्च को देखते हुए दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट, मंडी हाउस, बाराखंभा रोड और आसपास के प्रमुख इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई। समाचार में दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तीस हजार से अधिक पुलिसकर्मियों तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती का उल्लेख किया गया। प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रमुख सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई और छह मेट्रो स्टेशन बंद रखे जाने की जानकारी भी दी गई। लोगों को यात्रा से पहले यातायात और मेट्रो सेवाओं से संबंधित आधिकारिक सूचनाएं देखने की सलाह दी गई।

आगे क्या होगा

इंडिया गठबंधन की आगे की रणनीति इस मामले में दाखिल की जाने वाली याचिकाओं और न्यायालय की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। विपक्ष चाहता है कि मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों और मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज पर उठाए गए सवालों की जांच हो। दूसरी ओर, भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक कदम बताया है। फिलहाल इस विवाद का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव न्यायालय में होने वाली कार्यवाही और संबंधित पक्षों की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगा।

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