इंस्टाग्राम रील से 30 महीने बाद मिली अपहरण किशोरी:होशियारपुर से बच्ची समेत बरामद, 2024 में लापता हुई थी, पंजाब से पुलिस ने खोज निकाला

Oct 03, 2026 - 10:29
0
इंस्टाग्राम रील से 30 महीने बाद मिली अपहरण किशोरी:होशियारपुर से बच्ची समेत बरामद, 2024 में लापता हुई थी, पंजाब से पुलिस ने खोज निकाला
संतकबीरनगर के खलीलाबाद क्षेत्र से करीब 30 महीने पहले लापता हुई किशोरी को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना पुलिस ने पंजाब के होशियारपुर से बरामद कर लिया। पुलिस की जांच में इंस्टाग्राम की एक रील अहम कड़ी बनी। इसके बाद सर्विलांस और तकनीकी मदद से पुलिस ने किशोरी का ठिकाना तलाश लिया। उसके साथ डेढ़ साल की बच्ची भी मिली है। किशोरी वर्ष 2022 में 12 साल की उम्र में गैंगरेप की शिकार हुई थी। मामले में दो सगे भाइयों को जेल भेजा गया था और कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। अप्रैल 2024 में किशोरी घर से लापता हुई तो परिजनों ने उन्हीं दोनों भाइयों पर उसे बहला-फुसलाकर भगाने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। बाद की जांच में इस अपहरण मामले में दोनों भाइयों की नामजदगी गलत पाई गई। एएचटी थाने की जांच में सामने आया कि अप्रैल 2024 में घर से निकलने के बाद किशोरी खलीलाबाद से ट्रेन के जरिए दिल्ली पहुंची थी। वहां रेलवे स्टेशन पर उसकी मुलाकात संभल निवासी 27 वर्षीय बासदेव से हुई। आरोप है कि बासदेव उसे अपने साथ पंजाब के होशियारपुर ले गया और वहां अपने साथ रखने लगा। दोनों के संपर्क से डेढ़ साल की बच्ची होने की बात पुलिस ने बताई है। पुलिस को कुछ दिन पहले इंस्टाग्राम पर किशोरी की एक रील मिली। परिजनों से तस्वीर की पहचान कराने के बाद सर्विलांस सेल की मदद से उसके ठिकाने की जानकारी जुटाई गई। इसके बाद पुलिस टीम होशियारपुर पहुंची और किशोरी को बरामद कर लिया। होशियारपुर पुलिस की मदद से बच्ची समेत बरामदगी एएचटी थाने की टीम ने होशियारपुर कोतवाली पुलिस की मदद से किशोरी को बरामद किया। विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे डेढ़ साल की बच्ची के साथ संतकबीरनगर लाया गया। दोनों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। सीडब्ल्यूसी के आदेश पर किशोरी और उसकी बच्ची को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है। पुलिस ने संभल निवासी बासदेव को गिरफ्तार कर किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने और दुष्कर्म के आरोप में जेल भेज दिया है। पुराने अपहरण केस में दो भाइयों की नामजदगी गलत मिली एएचटी थाना प्रभारी हरिनारायन दीक्षित के मुताबिक, 2022 के गैंगरेप मामले में आरोपी दोनों सगे भाइयों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। दोनों जेल भी गए थे और बाद में जमानत पर बाहर आए। अप्रैल 2024 में किशोरी के लापता होने के बाद दर्ज अपहरण के मुकदमे में दोनों को नामजद किया गया था। विवेचना में अपहरण के मामले में दोनों भाइयों की नामजदगी गलत पाई गई है। अब इस मुकदमे से दोनों के नाम हटाए जाएंगे। हालांकि 2022 का गैंगरेप केस अभी कोर्ट में विचाराधीन है। तीन विवेचकों के बाद AHTटीम को मिली सफलता किशोरी की तलाश का जिम्मा पहले अलग-अलग विवेचकों को दिया गया था, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका। करीब दो महीने पहले एसपी संदीप कुमार मीना ने मामले की विवेचना एएचटी थाने को सौंपी। इसके बाद टीम ने तकनीकी जांच और सर्विलांस के साथ सोशल मीडिया पर भी सुराग तलाशे। एसपी संदीप कुमार मीना ने बताया कि इंस्टाग्राम रील की मदद से 30 महीने से लापता किशोरी को पंजाब से बरामद किया गया और वास्तविक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। उन्होंने पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की बात कही है। वहीं पहले की विवेचना में लापरवाही बरतने वाले विवेचकों की प्रारंभिक जांच शुरू करा दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User