जानलेवा हमले में दो दोषियों को 10-10 साल की सजा:मैनपुरी में कोर्ट ने दोनों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया
मैनपुरी के करहल थाना क्षेत्र में करीब 21 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में सोमवार 5 अक्टूबर को अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने दोनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया। फैसला एडीजे-01 की अदालत ने सुनाया। 2005 में तमंचे से किया था फायर पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार घटना वर्ष 2005 की है। 13 अक्टूबर 2005 को करहल थाने में मुकदमा अपराध संख्या 319/2005 दर्ज किया गया था। मामले में आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 और 34 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियोजन के मुताबिक, आरोपियों ने वादी के भाई को जान से मारने की नीयत से तमंचे से फायर किया था। गोली लगने से वह घायल हो गया था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। साक्ष्यों के आधार पर दोषसिद्धि लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और विवेचना में सामने आए तथ्यों को अदालत ने आधार बनाया। न्यायालय ने करहल थाना क्षेत्र के नगला अम्बापुर निवासी उदयराज पुत्र जगतपाल सिंह और खुवीर पुत्र उदयराज को धारा 307 और 34 भादवि में दोषी माना। दोनों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 50-50 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। पुलिस और अभियोजन की पैरवी रही अहम मामले में साक्ष्यों के संकलन और अभियोजन पक्ष की पैरवी के आधार पर अदालत ने फैसला सुनाया। पुलिस और अभियोजन से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका भी मामले की सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण रही।
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