झांसी के रानीपुर हत्याकांड में दोषी को उम्रकैद की सजा:2018 के खुशीपुरा मामले में कोर्ट का फैसला, घर में घुसकर गंडासे से किया था हमला
झांसी अदालत ने 2018 में नीलम की हत्या और उसके भाई-बहन पर हमले के दोषी नरेश श्रीवास को उम्रकैद सुनाई। अपर सत्र न्यायाधीश शिव कुमार तिवारी ने यह फैसला 7 अक्टूबर 2026 को सुनाया। हत्या (धारा 302 IPC) में आजीवन कारावास और 10,000 रुपये जुर्माना लगा। हत्या के प्रयास (धारा 307 IPC) में 7 साल कठोर कारावास, 5,000 रुपये जुर्माना भी लगा। यह घटना 2 सितंबर 2018 को झांसी के रानीपुर खुशीपुरा मोहल्ले में हुई, जहां नीलम अपने मायके आई थी। घटना वाले दिन गुरसराय का नरेश श्रीवास गंडासा लेकर नीलम के घर घुसा। उसने नीलम पर पत्नी बनकर साथ चलने का दबाव बनाया, मना करने पर गंडासे से हमला किया, जिससे नीलम की मौत हो गई। नीलम को बचाने आईं बहन पूजा और भाई राहुल भी हमले में घायल हुए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत ने अपने फैसले में अपराध की गंभीरता को रेखांकित किया। अदालत ने अपने 34 पेज के विस्तृत फैसले में अपराध की गंभीरता और सामाजिक प्रभाव को रेखांकित किया। "अपराध की प्रकृति समाज की कमजोर कड़ियों को प्रभावित करने वाली है। इसलिए सजा तय करते समय सुधारात्मक और दंडात्मक दोनों पहलुओं को ध्यान में रखा गया है।" — अदालत ने फैसले में उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के कई कानूनी सिद्धांतों का भी हवाला दिया। अदालत ने दोषी का सजायाबी वारंट तैयार करने, निर्णय की प्रति निःशुल्क प्रदान करने, तथा धारा 365 दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) के तहत संबंधित कारागार के अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट, झांसी को फैसले की प्रति भेजने का आदेश जारी किया।
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