झांसी में महिला की हत्या में आरोपी को उम्रकैद:8 साल पहले साथ चलने से इनकार करने पर गंडासे मारे थे, 15 हजार जुर्माना

Oct 08, 2026 - 10:31
0
झांसी में महिला की हत्या में आरोपी को उम्रकैद:8 साल पहले साथ चलने से इनकार करने पर गंडासे मारे थे, 15 हजार जुर्माना
झांसी में महिला की हत्या करने वाले आरोपी को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी नरेश श्रीवास ने 8 साल पहले पत्नी बनकर साथ रहने से मना करने पर नीलम की हत्या की थी। कोर्ट ने नरेश पर 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। नहीं देने पर 6 महीने की जेल अतिरिक्त काटनी होगी। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश (आवश्यक वस्तु अधिनियम) शिव कुमार तिवारी ने सुनाया है। कोर्ट ने कहा- अपराध की प्रकृति समाज की कमजोर कड़ियों को तोडने वाली है, इसलिए सुधारात्मक और दण्डात्मक दोनों पहलुओं को देखते हुए सजा दी जा रही है। 34 पृष्ठ के अपने निर्णय में अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के सिद्धान्तों का हवाला दिया। कोर्ट ने फैसले में लिखा- "आपराधिक कानून की स्थिति वैसी ही होनी चाहिए जैसे समाज की सामाजिक वेदना का निराकरण कर सके। सजा प्रणाली में सुचारात्मक तत्व और निरोध दोनों का समावेश होना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए यह दण्डादेश पारित किया गया है। घर में घुसकर किया था हमला थाना मऊरानीपुर में रानीपुर के मुहल्ला खुशीपुरा निवासी कन्हैयालाल पुत्र कड़ोरे ने 2 सितंबर 2018 को तहरीर दी थी। मेरी बड़ी बेटी नीलम की शादी हो चुकी है। वह मायके आई थी। गुरसराय थाना क्षेत्र के चोकरी गांव निवासी नरेश श्रीवास की रिश्तेदारी भी खुशीपुरा मोहल्ले में थी। दो सितंबर 2018 को कन्हैयालाल मजदूरी करने गया था। घर पर उसकी बेटी नीलम, छोटी बेटी पूजा और बेटा राहुल था। इस दौरान नरेश श्रीवास लोहे का गंडासा लेकर कन्हैयालाल के घर पहुंचा था।नरेश ने नीलम से अपने साथ पत्नी बनकर चलने को कहा था। नीलम पहले से शादीशुदा थी, इसलिए उसने नरेश के साथ जाने से इनकार कर दिया। इस बात से नाराज होकर नरेश ने लोहे के गंडासे से हमलाकर कर नीलम की हत्या कर ली। बचाने आए बहन पूजा और राहुल पर भी हमला किया। इससे दोनों घायल हो गए थे। मऊरानीपुर पुलिस ने केस दर्ज करके नरेश को गिरफ्तार किया था। बाद में उसके खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। हत्या और हत्या के प्रयास में सजा अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर नरेश को दोषी पाया गया। बुधवार को कोर्ट ने दोषी नरेश को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर दस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना नहीं देने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास की सजा। साथ ही, 307 (हत्या के प्रयास) में उसे सात साल की सजा सुनाई गई और पांच हजार रुप, का जुर्माना लगाया गया।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User