झांसी में रावण दहन आज, तैयारी पूरी:रिमोट कंट्रोल का बटन दबाते ही राख हो जाएगा लंकापति का अहंकार
झांसी शहर में आज विजयादशमी पर बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक रावण दहन होगा। किले की तलहटी में स्थित क्राफ्ट मेला मैदान में 70 फीट ऊंचे रावण और 65-65 फीट ऊंचे कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। इस बार यहां रावण के साथ उसकी सोने की लंका भी जलेगी। पहले 2 तस्वीर देखिए… भगवान हनुमान के आकाश में उड़कर अपनी पूंछ से लंका जलाने का दृश्य भी आयोजन का खास आकर्षण रहेगा। वहीं, रावण के पुतले में पारंपरिक तरीके से आग लगाने के बजाय रिमोट कंट्रोल का इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्य अतिथि मंच से बटन दबाएंगे और पुतले में आग लग जाएगी। दूसरी ओर, सदर बाजार के जिमखाना मैदान में भी दशहरा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यहां 55 फीट ऊंचे रावण और 45-45 फीट ऊंचे कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों का दहन होगा। दोनों प्रमुख स्थानों पर शाम को रावण दहन के कार्यक्रम होंगे। शहर के अन्य क्षेत्रों में भी विजयादशमी पर पुतला दहन और आतिशबाजी की तैयारियां की गई हैं। रिमोट का बटन दबाते ही धू-धूकर जलेगा रावण क्राफ्ट मेला मैदान में इस बार रावण दहन का तरीका भी खास होगा। मथुरा से आए कारीगर जवाहर लाल सुरीला रावण का पुतला तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुतले में आतिशबाजी लगाई गई है। दहन के दौरान किसी को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक लीड लगाई गई है। मुख्य अतिथि मंच से रिमोट का बटन दबाएंगे, जिसके बाद पुतले में आग लगेगी और आतिशबाजी शुरू हो जाएगी। विशालकाय पुतलों को तैयार करने के साथ उनके दहन की व्यवस्था भी की गई है। रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में आयोजन स्थल पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन महत्वपूर्ण रहेगा। रावण के साथ जलेगी सोने की लंका क्राफ्ट मेला मैदान में इस बार रावण दहन के साथ रामायण के लंका प्रसंग को भी जीवंत करने की तैयारी है। यहां रावण की सोने की लंका बनाई गई है, जिसे रावण के साथ ही भस्म किया जाएगा। आयोजन के दौरान भगवान हनुमान के आकाश में उड़ने और अपनी पूंछ से लंका में आग लगाने का दृश्य दिखाया जाएगा। लंका दहन के बाद रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन होगा। इससे दर्शकों को रामायण के प्रमुख प्रसंग को आकर्षक अंदाज में देखने का अवसर मिलेगा। रावण का अंत अहंकार और अधर्म के विनाश का प्रतीक माना जाता है। दशहरा पर होने वाला यह आयोजन सत्य और धर्म की विजय का संदेश देगा। सदर बाजार में 1925 से चली आ रही परंपरा सदर बाजार में विजयादशमी पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन लंबे समय से होता आ रहा है। यहां जिमखाना मैदान में इस बार भी तीनों पुतले तैयार किए गए हैं। रावण का पुतला 55 फीट ऊंचा, जबकि कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले 45-45 फीट ऊंचे हैं। सदर बाजार रामलीला कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष विजय प्रकाश पटेरिया ने बताया कि इस वर्ष 102वां दशहरा मनाया जा रहा है। मंगलवार को जिमखाना मैदान में तीनों पुतलों का दहन किया जाएगा। रामलीला और दशहरा आयोजन को लेकर कमेटी की ओर से तैयारियां की गई हैं। 25 साल से रावण के पुतले बना रहीं राबिया सदर बाजार में रावण के पुतले तैयार करने का काम एक मुस्लिम परिवार कर रहा है। जालौन जिले से आया यह परिवार वर्षों से इस काम में जुटा है। परिवार की कारीगर राबिया ने बताया कि वह पिछले 25 साल से रावण के पुतले बनाती आ रही हैं। दशहरा पर रावण के पुतले बनाने में मुस्लिम परिवार की भागीदारी सामाजिक सौहार्द की मिसाल भी पेश करती है। एक ओर लोग रावण दहन की तैयारियों में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर राबिया और उनका परिवार पुतलों को अंतिम रूप देकर वर्षों पुरानी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। शाम को होगा रावण दहन मंगलवार शाम को क्राफ्ट मेला मैदान और सदर बाजार के जिमखाना मैदान में रावण दहन के कार्यक्रम होंगे। क्राफ्ट मेला मैदान में रिमोट कंट्रोल से पुतला दहन और लंका दहन विशेष आकर्षण रहेंगे, जबकि सदर बाजार में परंपरागत आयोजन होगा। दशहरा पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाएगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)