झांसी में रिमोट से जलेगा 70 फीट का रावण:हनुमान पूंछ से लगाएंगे सोने की लंका में आग, मुस्लिम परिवार ने तैयार किया सदर बाजार का रावण
झांसी में दशहरा पर मंगलवार, 20 अक्टूबर को झांसी में बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक रावण दहन होगा। शहर में दो प्रमुख स्थानों पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। किले की तलहटी में स्थित क्राफ्ट मेला मैदान में 70 फीट ऊंचे रावण और 65-65 फीट ऊंचे कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतले जलाए जाएंगे। इस बार यहां रावण के साथ उसकी सोने की लंका भी आग की लपटों में घिरकर भस्म होगी। आयोजन में भगवान हनुमान के आकाश में उड़कर अपनी पूंछ से लंका जलाने का दृश्य भी दिखाया जाएगा। वहीं, रावण के पुतले को आग लगाने के लिए रिमोट कंट्रोल का इस्तेमाल होगा। मुख्य अतिथि मंच से ही बटन दबाएंगे और पुतले में आग लग जाएगी। दूसरी ओर, सदर बाजार के जिमखाना मैदान में भी दशहरा की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। यहां 55 फीट ऊंचे रावण और 45-45 फीट ऊंचे कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों का दहन होगा। दोनों स्थानों पर शाम सात बजे पुतला दहन का कार्यक्रम प्रस्तावित है। सदर बाजार में इस बार भी एक मुस्लिम परिवार पुतले तैयार कर रहा है। परिवार की कारीगर राबिया पिछले 25 साल से रावण के पुतले बनाती आ रही हैं। इस तरह दशहरा का उत्सव धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सौहार्द की मिसाल भी पेश करेगा। रिमोट का बटन दबाते ही धू-धूकर जलेगा रावण क्राफ्ट मेला मैदान में इस बार रावण दहन को खास अंदाज में आयोजित करने की तैयारी है। मथुरा से आए कारीगर जवाहर लाल सुरीला रावण का पुतला तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुतले में आतिशबाजी लगाई गई है। दहन के दौरान लोगों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए इसमें इलेक्ट्रॉनिक लीड लगाई गई है। इसके जरिए मंच से रिमोट का बटन दबाकर पुतले में आग लगाई जाएगी। इस व्यवस्था से पुतले के पास जाकर आग लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रिमोट से दहन होने के बाद पुतले में लगी आतिशबाजी शुरू होगी और कुछ ही देर में रावण का विशालकाय पुतला आग की लपटों में घिर जाएगा। हालांकि, आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और आतिशबाजी के संचालन में सावधानी बरतना भी जरूरी होगा। रावण के साथ भस्म होगी सोने की लंका क्राफ्ट मेला मैदान में इस बार केवल रावण दहन ही नहीं, बल्कि रामायण के लंका प्रसंग को भी विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। यहां रावण की सोने की लंका बनाई जा रही है। आयोजन के दौरान भगवान हनुमान के आकाश में उड़ने और अपनी पूंछ से लंका में आग लगाने का दृश्य दिखाया जाएगा। इसके बाद रावण के साम्राज्य के अंत को दर्शाते हुए रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन होगा। आयोजन में लंका दहन को आकर्षण का केंद्र बनाने की तैयारी है। विशालकाय पुतलों के साथ लंका का निर्माण किए जाने से दर्शकों को रामायण की कथा का एक प्रमुख प्रसंग देखने को मिलेगा। रावण दहन के दौरान मैदान में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। मथुरा के कारीगरों ने बनाए 70 और 65 फीट के पुतले क्राफ्ट मेला मैदान में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले बनाने के लिए मथुरा से कारीगर बुलाए गए हैं। यहां रावण का पुतला 70 फीट ऊंचा रखा गया है, जबकि कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों की ऊंचाई 65-65 फीट है। इतने बड़े पुतलों को तैयार करने के लिए बांस, कागज और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुतलों को आकर्षक रूप देने के साथ उनके भीतर आतिशबाजी लगाने का काम भी किया गया है। दशहरा पर रावण दहन की परंपरा के तहत इन तीनों पुतलों को जलाया जाएगा। रावण को अहंकार और बुराई का प्रतीक माना जाता है, जबकि उसका दहन अच्छाई, सत्य और धर्म की विजय का संदेश देता है। सदर बाजार में 102 वां दशहरा झांसी के सदर बाजार में विजयादशमी पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले दहन करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। यहां वर्ष 1924 से दशहरा पर पुतला दहन किया जा रहा है। इस बार भी जिमखाना मैदान में आयोजन की तैयारियां की गई हैं। यहां रावण का पुतला 55 फीट और कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतले 45-45 फीट ऊंचे बनाए गए हैं। सदर बाजार रामलीला कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष विजय प्रकाश पटेरिया ने बताया कि इस वर्ष 102वां दशहरा मनाया जा रहा है। मंगलवार को जिमखाना मैदान में तीनों पुतलों का दहन किया जाएगा। आयोजन को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। 25 साल से रावण के पुतले बना रहीं राबिया सदर बाजार में दशहरा की तैयारियों के बीच एक खास पहलू भी देखने को मिलता है। यहां रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले बनाने का काम जालौन जिले से आए एक मुस्लिम परिवार द्वारा किया जा रहा है। परिवार की कारीगर महिला राबिया पिछले 25 साल से रावण के पुतले बना रही हैं। हर साल दशहरा के मौके पर वह इस काम में जुटती हैं। रावण के पुतले तैयार करने में उनका लंबा अनुभव है। दशहरा जैसे धार्मिक आयोजन के लिए पुतले तैयार करने में उनकी भागीदारी सामाजिक सौहार्द की एक मिसाल के रूप में देखी जा सकती है। सदर बाजार में वर्षों से चली आ रही परंपरा में यह परिवार भी लगातार अपना योगदान दे रहा है। शाम सात बजे होगा पुतला दहन मंगलवार को क्राफ्ट मेला मैदान और सदर बाजार के जिमखाना मैदान में शाम सात बजे रावण दहन का कार्यक्रम प्रस्तावित है। दोनों स्थानों पर रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले भी जलाए जाएंगे। क्राफ्ट मेला मैदान में लंका दहन और रिमोट से पुतला जलाने की व्यवस्था इस बार आयोजन को अलग रूप देगी, जबकि सदर बाजार में लंबे समय से चली आ रही परंपरा के अनुसार दशहरा मनाया जाएगा। रावण दहन के साथ ही दशहरा पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देगा।
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