झांसी में त्योहारों के बाद झोलाछाप डॉक्टरों पर होगी कार्रवाई:जिलाधिकारी बोले-बंद कराए गए अल्ट्रासाउंड सेंटर की भी कराएंगे जांच
झांसी जिले में त्योहारों के बाद झोलाछाप डॉक्टरों और बंद कराए जा चुके निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों के दोबारा संचालन के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जांच कर अनियमितता मिलने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मऊरानीपुर के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, मरीजों को बेहतर इलाज और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर जोर दिया। 2 तस्वीर देखिए… डीएम ने सीएचसी में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर की स्थापना के लिए जिला खनिज फाउंडेशन न्यास (डीएमएफ) से प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल परिसर में खड़ी निष्प्रयोज्य एंबुलेंस की नीलामी कराने और पोस्टमार्टम के लिए शव वाहन की व्यवस्था करने को कहा। हर महीने 1800 आईपीडी, मध्य प्रदेश से भी आते हैं मरीज सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बताया कि अस्पताल में हर महीने करीब 1800 मरीज भर्ती होते हैं। मध्य प्रदेश के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां इलाज कराने पहुंचते हैं। इससे अस्पताल पर मरीजों का दबाव अधिक रहता है। इस स्थिति को देखते हुए पोस्टमार्टम के लिए शव वाहन की आवश्यकता बताई गई। डीएम ने एसडीएम मऊरानीपुर को सीएसआर या किसी अन्य उपयुक्त मद से शव वाहन की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। डीएम ने ऑपरेशन थिएटर का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सक उपलब्ध हैं, लेकिन मरीजों की अधिक संख्या को देखते हुए मॉड्यूलर ओटी की जरूरत है। इस पर डीएम ने डीएमएफ के तहत मॉड्यूलर ओटी की स्थापना के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजने को कहा। प्रसूताओं को समय पर भोजन देने के निर्देश सीएचसी के जेएसएसके वार्ड में एक महिला भर्ती मिली, जबकि लेबर रूम में भी एक महिला भर्ती थी। डीएम ने भर्ती महिलाओं के तीमारदारों से बातचीत कर जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत भोजन मिलने की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि प्रेरणा कैंटीन के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। डीएम ने निर्देश दिए कि योजना के तहत प्रसूता और उसके एक तीमारदार को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार समय से भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में दुर्घटना में घायल दो मरीजों का उपचार होते हुए भी देखा। साथ ही एंबुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम की जानकारी ली। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने इसे संतोषजनक बताया। ओटी में अनावश्यक आवाजाही पर रोक निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि बाहरी वैन और कुछ व्यक्तियों की गतिविधियों से स्वास्थ्य सेवाएं और प्रसव संबंधी व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। इस पर डीएम ने सुरक्षाकर्मियों को बाहरी व्यक्तियों से आवश्यक पूछताछ करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऑपरेशन थिएटर में जरूरत से ज्यादा तीमारदारों की आवाजाही रोकने को भी कहा, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बनी रहे। अस्पताल परिसर में निष्प्रयोज्य एंबुलेंस खड़ी मिलने पर डीएम ने सीएमओ को नियमानुसार उनकी नीलामी कराने के निर्देश दिए। स्थानीय लोगों ने पोस्टमार्टम हाउस के नवीनीकरण की जरूरत भी बताई। इस पर डीएम ने सीएमओ को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। बंद अल्ट्रासाउंड सेंटरों की भी होगी जांच जिलाधिकारी ने निजी प्रैक्टिस, झोलाछाप चिकित्सकों और प्रशासन की ओर से बंद कराए गए निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों के दोबारा संचालन की शिकायतों पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि त्योहार समाप्त होने के बाद झोलाछाप चिकित्सकों और अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ अभियान चलाकर जांच की जाए। अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराया जाए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम मऊरानीपुर मनोज आर्य, सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी, डिप्टी सीएमओ डॉ. अंशुमान तिवारी, सीएचसी अधीक्षक डॉ. आरएन सिंह तथा चिकित्सक डॉ. रामपाल, डॉ. लाल सिंह और डॉ. दीपमाला समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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