झोपड़ी में जिंदा जले पिता-बेटी और भाई:देवरिया में पत्नी गंभीर हालत में भर्ती, आधी रात हुआ हादसा सोते समय लगी आग
देवरिया के भटनी थाना क्षेत्र के नोनापार गांव में मंगलवार देर रात करीब दो बजे हुए हादसे से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि झोपड़ी में सो रहे लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई, जबकि एक महिला जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण आग बुझाने में जुट गए। सूचना पर पहुंची अग्निशमन टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पिता, बेटी और भाई की मौत नोनापार गांव निवासी लालचंद के बेटे जितेंद्र प्रसाद (32) की झोपड़ी में मंगलवार देर रात अचानक आग लग गई। उस समय झोपड़ी में जितेंद्र, उनका भाई बालकिशन, तीन साल की बेटी शनि और पत्नी लीला मौजूद थीं। आग ने देखते ही देखते पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। चारों लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
ग्रामीणों ने बुझाने की कोशिश की झोपड़ी से आग की लपटें उठती देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने अपने स्तर से आग बुझाने की कोशिश की और अग्निशमन विभाग को सूचना दी। कुछ ही देर में पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया। इसके बाद चारों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भटनी ले जाया गया। अस्पताल में तीन को मृत घोषित किया सीएचसी में डॉक्टरों ने जितेंद्र प्रसाद, उनकी तीन वर्षीय बेटी शनि और भाई बालकिशन को मृत घोषित कर दिया। वहीं, जितेंद्र की पत्नी लीला की हालत गंभीर होने पर उन्हें महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां उनका इलाज चल रहा है। एसपी ने लिया घटनास्थल का जायजा हादसे की सूचना पर एसपी अभिजीत आर. शंकर समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। सीओ मनोज कुमार ने बताया कि तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आग किन परिस्थितियों में लगी, इसका अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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