जन्म शताब्दी समारोह में याद किए गए नारायण दत्त तिवारी:औद्योगिक विकास और सादगी भरी राजनीति को किया याद, यूपी के विकास में तिवारी का था अहम योगदान

Oct 13, 2026 - 20:55
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जन्म शताब्दी समारोह में याद किए गए नारायण दत्त तिवारी:औद्योगिक विकास और सादगी भरी राजनीति को किया याद, यूपी के विकास में तिवारी का था अहम योगदान
पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी की जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर सोमवार को इंदिरा गांधी संस्थान में आयोजित समारोह में उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया गया। वक्ताओं ने उनके राजनीतिक आदर्शों, संसदीय परंपराओं, औद्योगिक विकास में योगदान और शालीन राजनीति की चर्चा की। कार्यक्रम का आयोजन पूर्णानंद तिवारी सेवा संस्थान की ओर से किया गया। मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि नारायण दत्त तिवारी जैसा शालीन और विद्वान नेता आज मिलना मुश्किल है। उन्होंने देश और प्रदेश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संसदीय परंपराओं का भी समुचित निर्वहन किया। महाना ने विधानसभा के ऐप का हवाला देते हुए बताया कि तिवारी ने सदन में 30,872 बार भाषण दिया या किसी वक्तव्य में हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि तिवारी सभी का सम्मान करते थे और उन्हें भी सबका आदर मिलता था। तिवारी के प्रधानमंत्री बनने का मौका छूटने का सुनाया प्रसंग वरिष्ठ राजनेता अम्मार रिजवी ने तिवारी के साथ 50 साल से अधिक पुराने राजनीतिक संबंधों के संस्मरण साझा किए। उन्होंने बताया कि तिवारी प्रधानमंत्री बनते-बनते रह गए थे, क्योंकि उन्होंने अपने नेता को धोखा देने से इनकार कर दिया था। रिजवी ने उनकी सादगी और मितव्ययिता का उल्लेख करते हुए आज की राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लखनऊ में नारायण दत्त तिवारी की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की। प्रदेश के विकास में योगदान को किया याद पूर्णानंद तिवारी सेवा संस्थान के अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्ता ने तिवारी के साथ काम करने के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि तिवारी ने कानपुर में हॉट मिक्स प्लांट से सड़कें बनवाने के निर्देश दिए थे। प्रदेश में उस समय यह पहली पहल थी। उन्होंने कहा कि तिवारी के कार्यकाल में स्थापित कई संस्थान आज भी अच्छा काम कर रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार नवीन जोशी ने तिवारी की शालीन, नैतिक और मर्यादित राजनीति का उल्लेख करते हुए मौजूदा दौर में इन मूल्यों के कमजोर होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि तिवारी के समय में रचनाकारों, कलाकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को विशेष सम्मान दिया जाता था। नई पीढ़ी से आदर्शों को अपनाने की अपील कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में तिवारी के छात्र जीवन से जुड़े प्रसंग सुनाए। उन्होंने नई पीढ़ी से तिवारी के आदर्शों और मूल्यों को जानने और याद रखने का आह्वान किया। इस अवसर पर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह, डॉ. भुवन चंद्र तिवारी और डॉ. राजन भटनागर भी मंच पर मौजूद रहे। समारोह में नारायण दत्त तिवारी के जीवन और योगदान पर आधारित स्मारिका का लोकार्पण किया गया। संस्थान की ओर से कई छात्र-छात्राओं को आर्थिक सहायता भी वितरित की गई। संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष महेश जोशी ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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