कांग्रेस ने चुनाव आयोग और सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन:ज्ञानेश कुमार और मोदी मुर्दाबाद के नारे लगे, 'वोट चोरी' का आरोप लगा 'काला दिवस' मनाया

Oct 08, 2026 - 14:55
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कांग्रेस ने चुनाव आयोग और सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन:ज्ञानेश कुमार और मोदी मुर्दाबाद के नारे लगे, 'वोट चोरी' का आरोप लगा 'काला दिवस' मनाया
सुल्तानपुर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा के नेतृत्व में पार्टी ने कलेक्ट्रेट पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन किया। यहां वोट चोर कहां मिलेंगे, बीजेपी के दफ्तर में। ज्ञानेश कुमार कहां मिलेगा, बीजेपी के दफ्तर में। ज्ञानेश कुमार और नरेंद्र मोदी मुर्दाबाद ऐसे नारे भी लगाए गए। कांग्रेसियों ने हाथ व सिर पर काली पट्टी बांध रखा था। प्रदर्शन के दौरान प्रदेश प्रवक्ता राजेश तिवारी ने कहा कि देश में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, मोदी और शाह की जोड़ी के इशारे पर एक सुनियोजित और योजनाबद्ध तरीके से "वोटों की चोरी" करा रहे हैं। इसके विरोध में और "काले मन व काली सोच" के खिलाफ कांग्रेस पार्टी पूरे देश में 'काला दिवस' मना रही है। चुनाव आयुक्त पर कार्रवाई न होने के सवाल पर तिवारी ने कहा कि "प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त एक ही सोच के तहत काम कर रहे हैं"। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में हेरफेर करके जिन्हें पद मिला है, वे ही इस पर पर्दा डाल रहे हैं। विपक्ष द्वारा हारने पर ही वोट चोरी का आरोप लगाने के सवाल पर उन्होंने सफाई दी कि यह लड़ाई केवल किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि आम जनता के अधिकारों की लड़ाई है। देश भर में आम मानस सड़कों पर उतर रहा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल, हरियाणा और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में कथित 'वोट चोरी' और चुनाव आयोग के साथ सांठगांठ के जरिए सरकारें बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी नेता राहुल गांधी ने काफी समय पहले ही इस 'वोट चोरी' को उजागर कर दिया था, लेकिन तब लोगों ने ध्यान नहीं दिया। आज उनकी बातें सच साबित हो रही हैं और पूरा विपक्ष एकजुट हो गया है। जब राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्ष के सांसद अपनी मांगों को लेकर चुनाव आयोग से मिलने जा रहे थे, तब उनके साथ पुलिस द्वारा की गई धक्का-मुक्की, लाठीचार्ज और उन्हें हिरासत में लिए जाने की घटना को उन्होंने अत्यंत निंदनीय बताया। जिलाध्यक्ष ने मांग की कि चुनाव आयोग/संबंधित अधिकारियों (ज्ञानेश कुमार) को तुरंत बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई हो। जब तक न्याय नहीं मिलता, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में यह संघर्ष जारी रहेगा। यहां पर फिरोज अहमद, विजय श्रीवास्तव, राहुल त्रिपाठी, सुब्रत सिंह सनी, शकील अहमद, निकिलेश सरोज, शरद श्रीवास्तव, हामिद राइन, शारिक अल्वी आदि मौजूद रहे।

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