कानपुर के GST ऑफिस में व्यापारियों का प्रदर्शन:बोले- पुराने वैट टैक्स के नोटिस भेजकर वसूली कर रहे अफसर-कर्मचारी

Oct 15, 2026 - 20:33
0
कानपुर के GST ऑफिस में व्यापारियों का प्रदर्शन:बोले- पुराने वैट टैक्स के नोटिस भेजकर वसूली कर रहे अफसर-कर्मचारी
कानपुर में पुराने बकाया वैट टैक्स के नोटिस भेजकर वसूली करने का आरोप लगाते हुए व्यापारियों ने स्टेट जीएसटी कार्यालय में प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने अफसरों और कर्मचारियों पर उगाही के आरोप लगाते हुए अपर आयुक्त ग्रेड-1 सान्या छावड़ा को 9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ऑडिट में उगाही और समस्याओं को लेकर भड़के व्यापारी भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र, जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता गोरे, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय वाजपेयी, जिला वरिष्ठ महामंत्री मनीष गुप्ता सलोने, प्रदेश मंत्री रोशन गुप्ता और प्रदेश संगठन मंत्री संजय भदौरिया के नेतृत्व में व्यापारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वैट अवधि के पुराने बकाया कर के नोटिसों में जमा चालान को नजरअंदाज कर वसूली के लिए नोटिस भेजने, पुरानी नोटिसों की निष्पक्ष जांच कराने, दीपावली पर जांच के नाम पर उत्पीड़न रोकने और ई-मेल के साथ व्यक्तिगत रूप से नोटिस भेजने की मांग की। व्यापारियों ने फर्मों के ऑडिट में कथित उगाही सहित स्टेट जीएसटी से जुड़ी अन्य समस्याएं भी उठाईं। कार्यालय के बाहर नारे लगाते हुए व्यापारी अपर आयुक्त ग्रेड-1 सान्या छावड़ा के कार्यालय पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने आरोप लगाया कि कानपुर मोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज बलेचा की फर्म के वैट अवधि के बकाये के मामले में खंड-2 के कर्मचारी आनंद बाबू ने जमा चालान होने के बावजूद करीब 1.05 लाख रुपये की मांग का नोटिस भेजा। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑनलाइन टैक्स जमा न करने की बात कहकर 1.10 लाख रुपये नकद देने को कहा गया। मिश्र के मुताबिक, इससे आशंका है कि जमा धनराशि के चालान की कॉपी निकालने के बाद भी नोटिस भेजा गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच पूरी होने तक वैट अवधि की पुरानी नोटिसों पर कार्रवाई रोकने की मांग की। वैट के पुराने बकाया जांच के बाद भेजने की मांग व्यापारियों ने कहा कि वैट अवधि की पुरानी नोटिसों की जांच के लिए किसी वरिष्ठ अधिकारी को नामित किया जाए। आरोप लगाया कि ऑडिट के दौरान टैक्स इनवॉइस, ई-वे बिल और ऑनलाइन भुगतान के साक्ष्य उपलब्ध होने के बावजूद टोल पर्चियां मांगकर व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। व्यापारियों ने फर्जी फर्मों के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन करते हुए दीपावली के दौरान बाजारों और उद्योगों में सचल दल एवं एसआईबी की जांच पर रोक लगाने की मांग की। दोषी अफसर-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग संगठन के जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष शशांक दीक्षित ने भी डिप्टी कमिश्नर ऑडिट शशिधर शाही के कार्यालय में अपनी फर्म के ऑडिट के दौरान पैसे मांगने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भुगतान नहीं करने पर साक्ष्य उपलब्ध होने के बावजूद ऑडिट निरस्त कर दिया गया। व्यापारियों ने शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की मांग की। वार्ता के दौरान जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता गोरे, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय वाजपेयी, जिला वरिष्ठ महामंत्री मनीष गुप्ता सलोने, प्रदेश मंत्री रोशन गुप्ता और प्रदेश संगठन मंत्री संजय भदौरिया ने जमा चालान के बावजूद वैट की नोटिस भेजने पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने खंड-2 के कर्मचारी आनंद बाबू और डिप्टी कमिश्नर ऑडिट शशिधर शाही पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की। अपर आयुक्त ग्रेड-1 सान्या छावड़ा ने आश्वासन दिया कि व्यापारियों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि त्योहार के समय किसी व्यापारी या उद्यमी का उत्पीड़न नहीं किया जाएगा। ज्ञापन की प्रमुख मांगें ये व्यापारी मौजूद रहे प्रदर्शन, वार्ता और ज्ञापन देने वालों में संगठन के ग्रामीण अध्यक्ष मुन्ना राय, जिला महामंत्री महेश सोनी, जिला कोषाध्यक्ष मनोज गुप्ता कुक्कू, संगठन महामंत्री चंद्राकर दीक्षित, जिला संयुक्त महामंत्री केके गुप्ता, अशोक शुक्ला, मनोज विश्वकर्मा, नितिन अग्निहोत्री, गोपाल शुक्ला, अतुल ओमर, अरविंद गुप्ता, अब्दुल वहीद, रतन सिंह, राजू अतरुद्दीन, अरुण पांडे, अनुराग साहू, कुंदन शर्मा, अनुज त्रिपाठी, अजय यादव, राहुल शर्मा, गगन सोनी और अवतार शर्मा सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User