कानपुर में ABVP का प्रदर्शन:CJP के खिलाफ नारेबाजी की, पुतला फूंका, बोले- संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने की मांग

Oct 16, 2026 - 18:40
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कानपुर में ABVP का प्रदर्शन:CJP के खिलाफ नारेबाजी की, पुतला फूंका, बोले- संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने की मांग
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की कानपुर महानगर इकाई ने शुक्रवार को छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय गेट पर CJP का पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं ने ‘लोकतंत्र अपनाओ अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ हुए इस प्रदर्शन में संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने की मांग की। ABVP ने आरोप लगाया कि राजनीतिक स्वार्थ के चलते निर्वाचन आयोग और न्यायालय जैसी संस्थाओं के प्रति अविश्वास फैलाने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन इसके नाम पर हिंसा और अराजकता फैलाना बर्दास्त नहीं है। कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक मर्यादाओं और राष्ट्रीय एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी जताई। SIR प्रक्रिया पर भ्रम फैलाने का लगाया आरोप अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कहा कि भारत का निर्वाचन आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है, जो निष्पक्ष चुनाव कराने और चुनावी सुधारों को लागू करने के लिए जिम्मेदार है। यदि किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल को चुनाव संबंधी किसी प्रक्रिया पर आपत्ति है, तो उसके समाधान के लिए संवैधानिक और कानूनी व्यवस्थाएं मौजूद हैं। संगठन ने SIR प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि इस प्रक्रिया में किसी पात्र मतदाता का नाम छूट जाने पर उसे दोबारा जुड़वाने के लिए निर्धारित व्यवस्था है। अभाविप के मुताबिक, ऐसी प्रक्रियाओं पर निराधार सवाल उठाकर संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने का प्रयास लोकतंत्र को कमजोर करता है। 'राजनीतिक असहमति की आड़ में अराजकता फैलाना गलत' ABVP के प्रदेश मंत्री दिनेश यादव ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और चुनाव सुधार की प्रक्रियाओं पर निराधार सवाल उठाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक असहमति की आड़ में देश में अराजकता और अव्यवस्था फैलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। दिनेश यादव ने कहा कि विरोध के नाम पर भारत में नेपाल और बांग्लादेश जैसी अस्थिरता पैदा करने की बात करना संविधान और लोकतंत्र की आत्मा पर प्रहार है। उन्होंने कहा कि देश का जागरूक युवा और छात्र समाज ऐसी गतिविधियों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगा। 'संवैधानिक व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं' प्रांत सह मंत्री मयंक ने कहा कि चुनाव सुधार की प्रक्रियाओं को विवादित बनाकर निष्पक्ष संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करना अलोकतांत्रिक मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि देश की शांति, अखंडता और संवैधानिक व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, कानपुर महानगर मंत्री सुधांशु त्रिपाठी ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन का अधिकार सभी को है, लेकिन यह जिम्मेदारी और अनुशासन से बंधा हुआ है। उन्होंने कहा कि चुनावी सुधारों और SIR जैसी प्रक्रियाओं पर स्वस्थ चर्चा होनी चाहिए। जनता के बीच भ्रम फैलाकर या संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर लोकतंत्र को मजबूत नहीं किया जा सकता। सैकड़ों कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन के माध्यम से अभाविप ने युवाओं और नागरिकों से राष्ट्रीय मुद्दों पर तथ्यों के आधार पर विचार करने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने की अपील की। इस दौरान खुशी भारती, प्रभात, आरसी तिवारी, अनामिका, तरुण, प्रथम, मानस, अनुराग शर्मा, प्रखर दीक्षित, स्वतंत्र राजपूत, आर्यन तिवारी और कार्तिकेय राय समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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