कानपुर में श्रीरामकथा आयोजित:सप्तम संध्या में हनुमान जी के चरित्र और सेवा भावना का वर्णन
कानपुर में श्रीरामलीला सोसायटी परेड द्वारा आयोजित श्रीरामकथा की सप्तम संध्या में युग तुलसी पंडित रामकिंकर जी महाराज की शिष्या दीदी मां मंदाकिनी ने हनुमान जी के चरित्र और उनकी सेवा भावना का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि गीता के समस्त योग जिनके व्यक्तित्व में विद्यमान हैं, ऐसे परिपूर्ण चरित्र श्री हनुमान जी प्रभु होते हुए भी दासानुदास भाव से सबकी सेवा करते हैं। इसी सेवा और समर्पण से उन्होंने भगवान श्रीराम का हृदय जीत लिया। दीदी मां ने कहा कि हनुमान जी की भूमिका एक प्रेरक गुरु की तरह है, जो केवल मानव जीवन को ही प्रेरित नहीं करते, बल्कि भगवान को भी प्रेरित करते हैं। उन्होंने सुग्रीव को प्रभु की ओर मोड़ा और दोनों की मैत्री स्थापित कराई। हनुमान जी की करुणा और दया की यही वृत्ति रामराज्य की आधारशिला बनती है। आरती के दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव गर्ग, कमल किशोर अग्रवाल, राकेश गर्ग, अमरनाथ मेहरोत्रा, पवन अग्रवाल, वीरेंद्र अग्रवाल, आलोक अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे।
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