कानपुर विश्वविद्यालय में गीता पर संवाद:हरीश भिमानी ने श्रीमद्भगवद्गीता के महत्व पर विचार व्यक्त किए
कानपुर में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में ‘स्वर, शास्त्र और समय: एक शाम हरीश भिमानी के साथ’ कार्यक्रम का आयोजन वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई सभागार में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रख्यात स्वर साधक एवं लेखक हरीश भिमानी ने श्रीमद्भगवद्गीता के महत्व पर विचार व्यक्त किए। हरीश भिमानी ने कहा, “श्रीमद्भगवद्गीता मेरी सर्वाधिक प्रिय पुस्तक है। इसमें उच्च ज्ञान को अभिजात शब्दों में रूपांतरित किया गया है।” कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक ने मुख्य अतिथि को शाल पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में उमेश पालीवाल और अनिल गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर डॉ. मिठाई लाल भी मौजूद रहे।
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