कांशीराम अस्पताल में औचक निरीक्षण, कई खामियां मिलीं:गंदी चादरें, बाहर की दवाएं और खराब चिकित्सा सामग्री पर जताई नाराजगी
कानपुर के रामादेवी काशीराम संयुक्त चिकित्सालय एवं ट्रामा सेंटर में सोमवार रात महानिदेशक पवन कुमार अरुण चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तर प्रदेश शासन ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं में कई खामियां सामने आईं। इमरजेंसी और जनरल वार्ड में गंदी व फटी चादरें मिलने, चिकित्सा सामग्री की गुणवत्ता खराब होने और मरीज के पास बाहर की दवाएं मिलने पर नाराजगी जताई गई। संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने और लापरवाही पर जवाब मांगने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी में चिकित्सा उपकरण सही पाए गए, लेकिन ड्रिप स्टैंड और स्ट्रेचर पर पेंट नहीं मिला। इमरजेंसी वार्ड में बिछाई गई चादरें गंदी और फटी हुई थीं। चादरों की गुणवत्ता को लेकर महानिदेशक ने नाराजगी व्यक्त की। जनरल वार्ड में भी यही स्थिति मिली। इसके अलावा सिरिंज, ड्रिप सेट और ग्लव्स की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई। जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता भी सही नहीं मिली। इस पर भोजन की जांच कराने के निर्देश दिए गए। अस्पताल परिसर के आंगन में लगा वाटर कूलर खराब पाया गया, जिसे कंडम घोषित करने को कहा गया। रैंप पर गंदगी और खिड़की टूटी मिलने पर संबंधित सुपरवाइजर से जवाब देने के निर्देश दिए गए। अस्पताल की सीढ़ियों पर रोशनी भी कम पाई गई। गायनी विभाग में उपकरण सही मिले, लेकिन मेडिकोलीगल प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं की जा रही थी। महानिदेशक ने इसे तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए। वहीं, सर्जरी विभाग में डॉ. बसंत लाल के एक मरीज के पास बाहर की दवाएं मिलने पर संबंधित चिकित्सक से स्पष्टीकरण मांगने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान आईपीएचएल लैब में जांचों की संख्या बढ़ाने और अस्पताल की फायर एनओसी की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश भी दिए गए। महानिदेशक ने अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार पर जोर दिया। इस दौरान सीएमएस डॉ. पीयूष मिश्रा, सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी, डॉ. सीमा राय और क्वालिटी मैनेजर नेहा तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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