कात्यायनी पीठ पहुंचे जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानन्द सरस्वती:देवी महात्म्य और भगवती की कृपा का किया वर्णन,मंदिर प्रबंधन ने किया स्वागत
वृंदावन स्थित श्री कात्यायनी पीठ में शारदीय नवरात्र में दुर्गा पूजा महोत्सव के अंतर्गत रविवार की देर शाम को द्वारका शारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानन्द सरस्वती महाराज का शुभागमन हुआ। उनके आगमन पर मंदिर के पदाधिकारियों एवं सेवकों ने श्रद्धापूर्वक स्वागत और अभिनंदन किया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण रहा और श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मां कात्यायनी के किए दर्शन द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि की देर शाम प्रसिद्ध शक्ति पीठ कात्यायनी देवी मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने मां कात्यायनी की विशेष पूजा अर्चना की और मां भगवती के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर के पुजारी ने उनको मां का प्रसादी अंग वस्त्र और प्रसाद भेंट किया। मंदिर पहुंचने पर शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती का प्रबंधन ने धार्मिक परंपरा अनुसार स्वागत किया। देवी उपासना की महिमा का किया वर्णन अपने आशीर्वचनों में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानन्द सरस्वती महाराज ने देवी महात्म्य की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए भगवती की आराधना और देवी पूजा के आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने मां भगवती की कृपा को श्रद्धा और भक्ति के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए देवी उपासना की महिमा का वर्णन किया। शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा का पर्व शक्ति स्वरूपा मां भगवती के प्रति समर्पण, आस्था और साधना का विशेष अवसर है। शंकराचार्य सदानंद सरस्वती महाराज का सान्निध्य प्राप्त कर श्रद्धालुओं ने स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस किया। कात्यायनी पीठ में आयोजित इस धार्मिक महोत्सव के दौरान देवी आराधना, आध्यात्मिक चिंतन और सनातन परंपराओं के प्रति श्रद्धा का विशेष महत्व देखने को मिला। यह रहे मौजूद कात्यायनी पीठ में शारदीय दुर्गा पूजा महोत्सव के अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य महाराज का आगमन धार्मिक आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। मंदिर के पदाधिकारियों ने उनके आगमन पर स्वागत करते हुए उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को देवी उपासना के महत्व और भगवती की कृपा के प्रति अपनी आस्था को और सुदृढ़ करने का अवसर प्रदान किया। इस मौके पर नरेश दयाल, रवि दयाल, सिद्धार्थ सहाय, रीता मेनन, अशोक दयाल, अशोक नारायण, प्रीति बालाचंद्रन एवं मंदिर के प्रबंधक विजय मिश्र के साथ अनेकों श्रद्धालु मौजूद रहे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)