कौशाम्बी में एनएचएम संविदा कर्मचारियों का तीन दिवसीय धरना:नियमितीकरण और समान काम-समान वेतन की मांग, लखनऊ में प्रदर्शन की चेतावनी
कौशाम्बी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने गुरुवार से तीन दिवसीय धरना शुरू किया। जिला मुख्यालय मंझनपुर के डायट मैदान में 8 से 10 अक्टूबर तक सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कर्मचारी प्रदर्शन करेंगे। कर्मचारियों ने नियमितीकरण, समान काम-समान वेतन, वेतन वृद्धि, कैशलेस इलाज और भत्तों समेत 8 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया है। 800 संविदा कर्मचारी कार्यरत संघ के मुताबिक, कौशाम्बी में एनएचएम के तहत विभिन्न पदों पर करीब 800 संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं। कर्मचारियों का कहना है कि कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने फ्रंटलाइन वर्कर के तौर पर स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके बावजूद वर्षों की सेवा के बाद भी उन्हें नियमित नहीं किया गया है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सभी संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, मानदेय में वृद्धि और कैशलेस चिकित्सा सुविधा शामिल है। इसके अलावा महंगाई भत्ता (DA), गृह प्रेषण भत्ता (HRA) और ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग भी की गई है। ट्रांसफर नीति और 25% कोटे की मांग संघ ने पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने, गृह जनपद में तबादले की सुविधा देने और अंत:जिला व अंत:मंडलीय स्थानांतरण की नीति स्पष्ट करने की मांग की है। इसके साथ ही आउटसोर्सिंग व अन्य भर्तियों के जरिए होने वाली नियमित पदों की सीधी भर्ती में एनएचएम संविदा कर्मचारियों के लिए 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग की गई है। 12 अक्टूबर को लखनऊ में प्रदर्शन की चेतावनी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 8 सूत्रीय मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 12 अक्टूबर को लखनऊ के ईको गार्डन में प्रदर्शन किया जाएगा। धरने के पहले दिन संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. अरुण केशरवानी, जिला महामंत्री जितेंद्र सिंह परमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगदेव प्रसाद, उपाध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा, प्रवक्ता शिवाजी रत्ना और कोषाध्यक्ष नीरज श्रीवास्तव समेत सैकड़ों महिला और पुरुष संविदा कर्मचारी मौजूद रहे।
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