कौशांबी में संपूर्ण समाधान दिवस से 9 अधिकारी नदारद:कारण स्पष्ट होने तक वेतन रोकने के निर्देश, मंडलायुक्त ने दिए आदेश
कौशांबी। संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर शनिवार को प्रयागराज मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने अपर आयुक्त त्रिभुवन और संबंधित अधिकारियों के साथ चायल तहसील का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान समाधान दिवस से अनुपस्थित मिले नौ विभागीय अधिकारियों पर मंडलायुक्त ने कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने कारण स्पष्ट होने तक सभी के वेतन रोकने के निर्देश दिए। अनुपस्थित अधिकारियों में जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, उप निदेशक कृषि, जिला गन्ना अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, उप संचालक चकबंदी, सचिव विकास प्राधिकरण और पूर्ति निरीक्षक चायल शामिल हैं। मंडलायुक्त ने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस शासन की महत्वपूर्ण व्यवस्था है। इसमें संबंधित विभागीय अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति के साथ फरियादियों की समस्याओं का प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मंडलायुक्त ने पूर्व में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवसों से संबंधित निस्तारण रजिस्टरों का भी अवलोकन किया। रजिस्टरों में शिकायतों के निस्तारण की आख्या में अनियमितता और अपूर्णता मिली। शिकायतों को ठीक से दर्ज न करने, रजिस्टर अपडेट न रखने और अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही पर उन्होंने नायब नाजिर के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि किए जाने के निर्देश दिए। ग्राम सभा की भूमि से जुड़े मामलों के समयबद्ध निस्तारण, संबंधित रजिस्टरों के रखरखाव, कार्यों के पर्यवेक्षण और नगर निकाय की स्वच्छता व्यवस्था में लापरवाही मिलने पर मंडलायुक्त ने एसडीएम चायल के खिलाफ भी प्रतिकूल प्रविष्टि किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसील के सभी रजिस्टरों और अभिलेखों को तत्काल दुरुस्त कराने, फरियादियों की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को उपस्थिति, अभिलेखों के रखरखाव और राजस्व संबंधी मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने को कहा गया। संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 83 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें छह मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
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