खंडहर में छिपाते थे चोरी की बाइक, 17 बरामद:अंतर्जनपदीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, खतौली और देवबंद के वाहन भी बरामद, चार गिरफ्तार

Oct 05, 2026 - 14:58
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खंडहर में छिपाते थे चोरी की बाइक, 17 बरामद:अंतर्जनपदीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, खतौली और देवबंद के वाहन भी बरामद, चार गिरफ्तार
मेरठ में पल्लवपुरम पुलिस ने अंतर्जनपदीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे और निशानदेही पर चोरी की 17 बाइक बरामद की हैं। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह मेरठ के अलावा आसपास के जिलों में भी वाहन चोरी करता था। चोरी के वाहनों को एक खंडहरनुमा मकान में छिपाकर रखा जाता था और मौका मिलते ही उन्हें बाजार में खपा दिया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 315 बोर के दो तमंचे भी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रियांशु पुत्र सुंदर निवासी ग्राम भगवानपुर, थाना इंचौली, दक्ष पुत्र दिनेश निवासी मनिहार मोहल्ला, थाना इंचौली, आदित्य सैनी पुत्र कृष्ण पाल सैनी निवासी लंका वाली गली, सैनी धर्मशाला के पास, थाना इंचौली और विराज पुत्र मिंटू निवासी ग्राम भगवानपुर, थाना इंचौली के रूप में हुई है। खतौली और देवबंद से भी चुराईं बाइक पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह का नेटवर्क केवल मेरठ तक सीमित नहीं था। आरोपियों ने आसपास के जनपदों में भी वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक, बरामद 17 बाइकों में मुजफ्फरनगर के खतौली और सहारनपुर के देवबंद से चोरी की गई बाइक भी शामिल हैं। पुलिस अब बरामद वाहनों के संबंध में दर्ज मुकदमों और उनके वास्तविक मालिकों का सत्यापन कर रही है। 1खंडहर थे चोरी की बाइक का ठिकाना गिरोह वाहन चोरी करने के बाद उन्हें तत्काल बेचने के बजाय एक खंडहरनुमा मकान में छिपाकर रखता था। यहां कई चोरी की बाइक एक साथ जमा की जाती थीं। इसके बाद ग्राहक मिलने या मौका देखकर इन्हें बाजार में बेच दिया जाता था। पुलिस को आशंका है कि गिरोह लंबे समय से इस तरह वाहन चोरी और उनकी बिक्री के धंधे में सक्रिय था। रेकी के बाद बनाते थे बाइक निशाना पुलिस पूछताछ में गिरोह के वाहन चोरी करने के तरीके के बारे में भी जानकारी मिली है। आरोपी पहले बाइक की रेकी करते और मौका मिलते ही उसे चोरी कर लेते थे। चोरी के बाद वाहन को सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाया जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह चोरी की बाइकों को किन लोगों के माध्यम से बाजार में बेचता था और इसके पीछे कितने अन्य लोग जुड़े हैं। दो तमंचे मिलने से बढ़ी गंभीरता वाहन चोरी के आरोपियों से 315 बोर के दो तमंचे बरामद होने के बाद पुलिस उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल किसी वारदात में किया गया था या नहीं। साथ ही आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी के वाहनों की संभावित अन्य वारदातों का भी पता लगाया जा रहा है। 17 बाइक बरामद होने से खुलेंगी कई वारदातें एक साथ 17 चोरी की बाइक बरामद होने के बाद पुलिस को मेरठ और आसपास के जनपदों में दर्ज कई वाहन चोरी की घटनाओं के खुलने की उम्मीद है। बरामद बाइकों के इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर पुलिस उनका सत्यापन कर रही है। इससे यह भी सामने आएगा कि गिरोह ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।

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