खनन विभाग के पोर्टल से 62.21 लाख की चपत:अलीगढ़ में घटाकर दिखाई खनिज की दर, अधिकारी की लॉगिन आईडी का दुरुपयोग कर खनिज प्रपत्र जारी किए, FIR

Oct 11, 2026 - 06:39
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खनन विभाग के पोर्टल से 62.21 लाख की चपत:अलीगढ़ में घटाकर दिखाई खनिज की दर, अधिकारी की लॉगिन आईडी का दुरुपयोग कर खनिज प्रपत्र जारी किए, FIR
खनन विभाग के ऑनलाइन सिस्टम में सेंध लगाकर सरकारी राजस्व को लाखों रुपये की चपत लगाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जिला खनन अधिकारी की लॉगिन आईडी का इस्तेमाल कर पोर्टल पर उपखनिज की निर्धारित दर बदल दी गई और इसके बाद बड़ी मात्रा में खनिज परिवहन के ई-एमएम-11 प्रपत्र जारी कर दिए गए। 18 सितंबर से एक अक्टूबर के बीच हुए इस कथित फर्जीवाड़े से विभाग को 62 लाख 21 हजार 300 रुपये के राजस्व नुकसान का आकलन किया गया है। विभागीय जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद शनिवार शाम साइबर क्राइम थाने में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। 4.19 रुपये की दर घटाकर 3 रुपये की, फिर जारी किए प्रपत्र विभागीय जानकारी के मुताबिक, पोर्टल पर उपखनिज की दर 4.19 रुपये प्रति घनमीटर दर्ज थी। आरोप है कि सिस्टम में बदलाव करके इसे तीन रुपये प्रति घनमीटर कर दिया गया। इसके बाद कथित तौर पर 40,125 घनमीटर उपखनिज के ई-एमएम-11 प्रपत्र जनरेट किए गए। दर में बदलाव और प्रपत्र जारी किए जाने से सरकारी राजस्व को हुए नुकसान का आकलन 62.21 लाख रुपये से अधिक किया गया है। यह मामला इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि खनिज के परिवहन से जुड़े प्रपत्रों की ऑनलाइन प्रक्रिया में कथित छेड़छाड़ कर निर्धारित दर को प्रभावित किया गया। अब पुलिस को यह पता लगाना है कि पोर्टल तक अनधिकृत पहुंच किसने बनाई, लॉगिन आईडी का इस्तेमाल किस तरह हुआ और इस पूरे खेल में किसी अन्य व्यक्ति या लाइसेंसी की भूमिका थी या नहीं। 5 अक्टूबर को ऑडिट में पकड़ में आई गड़बड़ी जिला खान अधिकारी सुरेंद्र सिंह के अनुसार, पांच अक्टूबर को विभागीय ऑडिट के दौरान रिकॉर्ड में अनियमितता सामने आई। इसके बाद पोर्टल की लॉगिन हिस्ट्री की जांच कराई गई। नियम के मुताबिक, लॉगिन के लिए ओटीपी सरकारी सीयूजी नंबर पर आना चाहिए था, लेकिन जांच के दौरान ओटीपी ऑटो-फिल होने की स्थिति सामने आई। इस पर संदेह गहराया और पूरे मामले की पड़ताल की गई। गड़बड़ी सामने आने के बाद पांच अक्टूबर की रात करीब आठ बजे संबंधित लाइसेंसी की आईडी ब्लॉक कर दी गई। विभाग ने पोर्टल पर की गई अन्य संदिग्ध प्रविष्टियों की भी जांच की है, ताकि यह पता चल सके कि कहीं इसी तरीके से दूसरे प्रपत्र भी तो जारी नहीं किए गए। अब पुलिस खंगालेगी लॉगिन हिस्ट्री मामले में विभाग की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर साइबर क्राइम थाने में शनिवार शाम अज्ञात हैकर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। सीओ सर्वम सिंह के मुताबिक, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि लॉगिन आईडी का दुरुपयोग किसने किया, पोर्टल पर दर में बदलाव कैसे हुआ और जारी किए गए ई-एमएम-11 प्रपत्रों का इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया गया। साथ ही, यह भी जांच का विषय है कि सरकारी सिस्टम में कथित सेंधमारी के पीछे केवल तकनीकी खामी थी या किसी ने जानबूझकर इसका फायदा उठाया।

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