खुद को आग लगाने वाला बोला-एक इंच जमीन नहीं दूंगा:खेत में जबरन रास्ता बनाया, जौनपुर में पिता बोले- दरोगा ने मोबाइल छीनकर फेंका
जौनपुर में खुद को आग लगाने वाले दिनेश मौर्या ने कहा- मैं अपनी जमीन का एक इंच भी नहीं दूंगा। इन लोगों ने मुझे बहुत परेशान किया है। दिनेश ने 17 अक्टूबर को घर के बाहर पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली थी। वह जलते हुए रास्ते पर भागने लगे। यह देख लोग बाल्टी से पानी भरकर उन पर डालने लगे। कपड़े और बोरियां डालकर आग बुझाई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर बनी हुई है। दिनेश के खेत से 4 साल पहले 300 मीटर लंबा कच्चा रास्ता बनाया गया था। इसे लेकर दिनेश लगातार विरोध कर रहे थे। 14 अक्टूबर को पंचायत भी हुई थी। तब दिनेश इस बात पर तैयार हुए थे कि रास्ते का आधा हिस्सा ही उनके खेत से निकले। हालांकि, बाद में उन्होंने इससे इनकार कर दिया। 17अक्टूबर को जब रास्ते पर ईंट लगाई जाने लगी तो उन्होंने खुद को आग लगा ली थी। उनका आरोप है कि पुलिस ने भी उनकी सुनवाई नहीं की। वहीं, दिनेश के पिता ने कहा दरोगा ने वीडियो बना रही घर की महिलाओं से मोबाइल छीनकर फेंक दिया और हमारी एक बात नहीं सुनी। पूरे मामले को विस्तार से जानने के लिए दैनिक भास्कर ने दिनेश और उनके परिवार से बात की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
पहले घटना की 2 तस्वीरें देखिए…
'अपनी जमीन का एक इंच भी नहीं दूंगा'
दैनिक भास्कर से बात करते हुए दिनेश ने कहा- गुलाबचंद, चंद्रभान और धर्मराज मुझे धमकियां दिलवाकर मेरी जमीन पर जबरदस्ती कब्जा कर रहे हैं। मैंने इसकी IGRS पर शिकायत दर्ज कराई थी, तो पुलिस-प्रशासन के लोगों ने आकर मुझसे समझौते के कागज पर यह कहकर साइन करवा लिया था कि मामला निपट जाएगा। मुझे लगा कि जब आधे-आधे हिस्से पर बात हो गई है तो सब ठीक रहेगा, लेकिन जैसे ही मैं बनारस के लिए निकला, इन लोगों ने फिर से जबरदस्ती शुरू कर दी और पूरी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करने लगे। मेरी कुल ढाई से तीन बिस्वा जमीन जा रही है। ग्राम प्रधान (एसपी मानव) भी उन्हीं लोगों का साथ दे रहे हैं और जब भी मैं उन्हें फोन लगाता हूं, वो मेरा फोन तक नहीं उठाते हैं। इसको लेकर पंचायत भी हुई थी। जब मैंने रास्ते पर खड़ंजा लगाने से रोका और आधे हिस्से से मिट्टी उठाने के लिए तैयार हुआ, तब भी इन लोगों ने मुझे लगातार परेशान किया। जब वे बार-बार जबरदस्ती कर रहे हैं, तो अब मैं अपनी जमीन का एक इंच भी नहीं दूंगा। अब पूरा मामला सिलसिलेवार पढ़िए… दिनेश कुमार मौर्या (35) किसान हैं। वह परियावा गांव की लौकरी मौर्या बस्ती में पत्नी सविता मौर्या (32), दो बेटियां हैप्पी (15) और लकी (13), पिता त्रिभुवन मौर्या (55) और भाई बृजेश और उसकी पत्नी शिवदेवी के साथ रहते हैं। उनके पास कुल चार बिस्वा जमीन है। इसी जमीन पर 300 मीटर लंबी सड़क बनाने को लेकर चार साल से दिनेश के पड़ोसी चंद्रभान से विवाद चल रहा है। ग्राम प्रधान एसपी मानव ने बताया- साल- 2015 में तत्कालीन प्रधान बंसू पहलवान ने दिनेश की जमीन में ही मिट्टी डलवाकर एक कच्चा रास्ता बनवा दिया था। इस रास्ते से एक ही परिवार आता-जाता है। हालांकि, राजस्व अभिलेखों में रास्ता नही हैं। 14 अक्टूबर को इसे लेकर पंचायत हुई थी। उस पंचायत में सहमति बनी कि सड़क बनेगी, लेकिन जमीन का आधा हिस्सा ही दिनेश की जमीन में आए। इससे एक हफ्ते पहले दिनेश ने रास्ते को लेकर लाइन बजार थाने में और डीएम से शिकायत भी की थी। दिनेश का आरोप है कि 17 अक्टूबर को ग्राम प्रधान ने उनकी जमीन पर जबरन रास्ता बनवाना शुरू कर दिया। लगभग 50 मीटर सड़क बन भी गई थी।
सुनवाई न होने पर आग लगाई
15-16 अक्टूबर को दिनेश अपनी बीमार बहन को लेकर वाराणसी स्थित BHU गए थे। इसी दौरान उनके पट्टीदार गुलाब चंद मौर्य, धर्मराज मौर्य, सुबेदार मौर्य और चंद्रभान मौर्य ने रास्ता बनवाना शुरू कर दिया। 16 अक्टूबर की रात ही दिनेश वापस लौट आएं। उन्होंने इसका विरोध किया। डॉयल 112 पर सूचना भी दी। आरोप है कि पुलिस ने उनकी सुनवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने घर पर पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली। घटना के बाद डीएम ने राजस्व टीम को मौके पर भेजकर जांच कराई। जांच में पता चला कि विवादित जगह पर सरकारी चकमार्ग नहीं, बल्कि दिनेश मौर्या और उनके भाइयों का खेत है। पिता रोते हुए बोले- दरोगा ने मोबाइल छीनकर फेंक दिया दिनेश के पिता त्रिभुवन मौर्या ने रोते हुए बताया- शनिवार (17 अक्टूबर) को मैं वहां पर था। जब मैंने विरोध किया तो गुलाब ने कहा- मैं रास्ता बनवाऊंगा क्या कर लोगे। भाग जाओ नहीं तो मारूंगा। घर की महिलाएं जब गईं और वीडियो बनाने लगीं तो दरोगा ने मोबाइल छीनकर फेंक दिया। भाई ने कहा- चोरी से आधी रात को रास्ता बना लिया था भाई बृजेश ने बताया- हम दोनों भाई पहले मुंबई में रहते थे। हमारी जमीन में सड़क की कोई गुंजाइश नहीं थी। साल- 2015 में इन लोगों ने रात 12 बजे चोरी से मिट्टी डालकर रास्ता बनवा लिया। जब हमने रोकने की कोशिश की तो कहा- भाई जाने दो हम तुम्हारे पड़ोसी हैं। चलने के लिए मुझे रास्ता चाहिए। अब ये लोग पक्की सड़क बनवाने लग गए। मेरे भाई ने रोका तो गुलाब, सूबेदार, धर्मराज उसे टॉर्चर करने लगे। उसे जान से मारने की धमकी देने लगे। मेरा भाई बहुत परेशान हो गया था। इसलिए मेरे भाई ने आग लगा ली। बेटा बोला- दूसरों से फोन करवाकर दबाव बनाते थे गुलाब, चंद्रभान, सूबेदार, धर्मराज मेरे पापा को दूसरे लोगों से फोन करवा के कहलवाते थे कि सड़क बनने दीजिए। मेरे पापा बहुत परेशान थे। उन पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। घटना वाले दिन मेरी बुआ का ऑपरेशन था। मेरे पापा कुछ समझ नहीं पाए, रात को वह पिंडरा से कचगांव तक पैदल चलकर आए। सुबह होते ही ये लोग पापा को फोन करने लगे। पापा इनके घर गए। वापस आने के बाद बहुत परेशान थे। सीओ सिटी सम्यक चौधरी ने बताया- पीड़ित ने 112 डायल पुलिस को बुलाया था। ये राजस्व का मामला था। दोनों पक्षों को शनिवार को थाने पर बुलाया गया था, लेकिन सुबह उसने आत्मदाह का प्रयास कर लिया। मामले की जांच की जा रही है। ------------------------ ये खबर भी पढ़ेंः- मेरठ सांप कांड-जज ने फैसले में 4 बड़ी हत्याएं गिनाईं:दामिनी, इल्मा, सोनम, सिया का नाम लिया; जानिए कौन हैं ये लड़कियां मेरठ के सांप कांड में पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को 16 अक्टूबर को सजा-ए-मौत दी गई। जजमेंट में जज ने सिर्फ रविता केस का जिक्र नहीं किया। देश में सामने आए ऐसे कई मामलों को भी फैसले का हिस्सा बनाया, जिनमें प्रेम संबंधों के चलते पति की हत्या की साजिश पत्नी ने रची। जजमेंट में लिखा- इसी मेरठ के हस्तिनापुर में रविता केस से सीख लेकर और आगे बढ़ते हुए दामिनी ने पति की हत्या का तरीका निकाला। रविता ने घोड़ा पछाड़ सांप (बिना जहर वाला ) से डसाया था। इसकी जगह दामिनी ने असली जहरीले सांप कॉमन करैत से पति को डसवा दिया। ऐसे केस के बाद युवाओं के मन में शादी के प्रति डर बन गया। पूरी खबर पढ़ें…
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