किसानों को आलू बीज पर मिलेगी 5 हजार तक सब्सिडी:उद्यान विभाग को 100 क्विंटल बीज मिला, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर उठाएं लाभ
मऊ के किसानों के लिए आलू की खेती को लेकर अच्छी खबर है। उद्यान विभाग को किसानों के लिए 100 क्विंटल आलू बीज का आवंटन मिला है। किसानों को उन्नत किस्मों के बीज उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। बीज की कीमत लगभग 3,600 से 4,000 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित बताई गई है। इसके अलावा सरकार चालू वित्तीय वर्ष में आलू की खेती, भंडारण और बीज उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए तीन योजनाएं संचालित कर रही है। इनके तहत पात्र किसानों को नियमानुसार अनुदान और सहायता मिल सकेगी। जिला उद्यान अधिकारी राम सिंह ने बताया कि किसानों को चिप्स बनाने के लिए उपयुक्त कुफरी चिप्सोना के साथ कुफरी सिंदूरी और बादशाह किस्म के आलू बीज उपलब्ध कराने की योजना है। बीज की उपलब्धता के आधार पर इन्हें लखनऊ से मंगाकर किसानों को दिया जाएगा। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराने की अपील की। राम सिंह के अनुसार, आलू की बेहतर पैदावार के लिए 15 से 25 अक्टूबर के बीच बुवाई करना उपयुक्त माना जाता है। इसके अलावा नवंबर के पहले सप्ताह तक भी आलू की खेती की जा सकती है। किसानों को मौसम और स्थानीय कृषि परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए समय से बुवाई करने की सलाह दी गई है, ताकि अच्छी पैदावार प्राप्त हो सके। बाजार भाव लागत से कम मिलने पर राहत देने की योजना जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में आलू की खेती और भंडारण को प्रोत्साहित करने के लिए तीन योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें एक योजना का उद्देश्य आलू का बाजार भाव निर्धारित उत्पादन लागत से कम होने पर किसानों को राहत देना है। यदि किसी पात्र किसान को आलू बेचने पर निर्धारित लागत के मुकाबले कम मूल्य मिलता है, तो नियमानुसार दोनों के बीच के अंतर की भरपाई की जा सकती है। इसके लिए किसानों को आलू की खेती वाले खेत का खसरा लेखपाल से प्रमाणित कराना होगा। साथ ही कोल्ड स्टोर में आलू जमा करने की आमद पर्ची, निकासी रसीद, गेट पास और पंजीकृत व्यापारी को बिक्री के बाद प्राप्त छह-आर (6R) दस्तावेज सुरक्षित रखने होंगे। इन अभिलेखों को संबंधित पोर्टल पर अपलोड करना होगा। शीतगृह और विभागीय सत्यापन के बाद पात्र किसानों को नियमानुसार योजना का लाभ दिया जाएगा। शीतगृह में आलू रखने पर 10 हजार रुपए तक अनुदान आलू को शीतगृह में भंडारित करने वाले किसानों को भंडारण शुल्क पर भी सहायता देने का प्रावधान है। जिला उद्यान अधिकारी के अनुसार, इस योजना में प्रति हेक्टेयर 100 क्विंटल आलू के मानक पर अधिकतम 10 हजार रुपए तक अनुदान दिया जा सकता है। यानी प्रति क्विंटल 100 रुपए की दर से सहायता का प्रावधान बताया गया है। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को निर्धारित अभिलेख संबंधित पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। इसके बाद विभागीय सत्यापन किया जाएगा। पात्रता और दस्तावेजों की जांच पूरी होने पर नियमानुसार अनुदान दिया जाएगा। बीज उत्पादन पर 5 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर सब्सिडी उद्यान विभाग की ओर से उन्नत प्रजाति के एफ-1, एफ-2 और कुछ प्रमाणित श्रेणी के आलू बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को आलू बीज उत्पादन के लिए 5 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से सब्सिडी दिलाने का प्रावधान बताया गया है। हालांकि, इस सहायता का लाभ लेने के लिए किसानों को योजना की शर्तों के अनुसार बीज उत्पादन करना होगा। उत्पादित आलू का इस्तेमाल सब्जी के रूप में करने या उसे सामान्य बाजार में बेचने की अनुमति नहीं होगी। योजना के तहत बीज उत्पादन करना अनिवार्य होगा। किसानों से ऑनलाइन पंजीकरण कराने की अपील जिला उद्यान अधिकारी राम सिंह ने जनपद के किसानों से आलू की खेती, भंडारण और बीज उत्पादन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी लेने और समय से ऑनलाइन पंजीकरण कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराने और खेती की लागत का बोझ कम करने के उद्देश्य से ये योजनाएं संचालित की जा रही हैं। किसान स्वयं जागरूक बनें और दूसरे किसानों को भी योजनाओं के प्रति जागरूक करें, ताकि अधिक से अधिक पात्र किसान इनका लाभ उठा सकें।
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