कर्ज चुकाने के लिए 3 लाख रुपए मांगा:सुल्तानपुर में पति, सास और देवरों पर FIR, महिला को पीटा-बच्चों समेत घर से निकाला
सुल्तानपुर के बंधुआकला थाना क्षेत्र स्थित मुकुंदपुर की रहने वाली एक पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने पति, सास और देवरों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और प्रताड़ना की गंभीर धाराओं में मुकदमा महिला थाने में दर्ज किया है। आरोप है कि पति द्वारा लिए गए कर्ज को चुकाने के लिए मायके से 3 लाख रुपये लाने का दबाव बनाया जा रहा था और मांग पूरी न होने पर महिला को बच्चों समेत घर से निकाल दिया गया। तहरीर के अनुसार, पीड़िता तहसीन बानो पुत्री निसार अहमद, निवासी राही, थाना मिल एरिया, जनपद रायबरेली का निकाह 7 दिसंबर 2017 को मुस्लिम रीति-रिवाज से महताब पुत्र इरशाद के साथ हुआ था। शादी के समय पीड़िता के पिता ने अपनी हैसियत से बढ़कर पैशन प्रो बाइक, 2 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के गहने नथिया, बिंदिया, झुमका, पाजेब, अंगूठी तथा घरेलू सामान दिए थे। दंपति के दो बच्चे एक 5 वर्ष का पुत्र हसनैन और 2021 में जन्मी एक पुत्री हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके पति महताब ने किसी से 3 लाख रुपये का कर्ज लिया था। कर्ज न चुका पाने पर पति महताब, सास सायदा, देवर आफताब और सोहराब उस पर मायके से 3 लाख रुपये मांगने का दबाव बनाने लगे। जब पीड़िता ने असमर्थता जताई, तो उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। परिजनों द्वारा समझाने का प्रयास करने के बावजूद ससुराल पक्ष की प्रताड़ना जारी रही। मामला 20 दिसंबर 2025 की सुबह का है, जब मामूली बात पर सास, देवर और पति ने मिलकर पीड़िता के साथ लात-घूंसों और थप्पड़ों से मारपीट की। इसके बाद पीड़िता को पहने हुए कपड़ों में ही बच्चों के साथ बंधुआकला बाजार में छोड़कर भाग गए। पीड़िता को धमकी भी दी गई कि पैसे न मिलने पर उसके पति की दूसरी शादी करवा दी जाएगी। मामले में थाने पर सुनवाई न होने पर पीड़िता ने महिला थानाध्यक्ष के समक्ष लिखित प्रार्थना पत्र दिया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है जांच निरीक्षक हंसमती को सौंपी गई है।
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