करुणा, शांति, सेवा का मिलेगा संदेश:अमेरिका की लेखिका स्टेसी मोडिसेट की पुस्तक फ्रेमिंग ह्यूमेनिटी का विमोचन

Sep 25, 2026 - 11:47
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करुणा, शांति, सेवा का मिलेगा संदेश:अमेरिका की लेखिका स्टेसी मोडिसेट की पुस्तक फ्रेमिंग ह्यूमेनिटी का विमोचन
गोरखपुर के संत सौरभ के जीवन-दर्शन, मानवता, करुणा, शांति, सेवा और विश्व सद्भाव के संदेश को अंतरराष्ट्रीय साहित्य के माध्यम से प्रस्तुत करने की श्रृंखला में विश्व रिकॉर्ड पहल के तहत लगातार 16वें दिन 16वीं अंतरराष्ट्रीय पुस्तक का कवर ऑनलाइन जारी किया गया। अमेरिका की लेखिका स्टेसी मोडिसेट की पुस्तक ‘FRAMING HUMANITY’ का उपशीर्षक ‘Sant Saurabh, Compassion and the Art of Peace’ है। पुस्तक में गोरखपुर, भारत निवासी सौहार्द शिरोमणि संत सौरभ के जीवन-दर्शन और मानवीय विचारों को करुणा, शांति, सेवा, पारस्परिक सम्मान और मानवीय संवेदना जैसे सार्वभौमिक मूल्यों के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक का उद्देश्य विभिन्न संस्कृतियों और समुदायों के बीच मानवीय संबंधों को मजबूत करना तथा संवाद, सह-अस्तित्व और सद्भाव की भावना को साहित्य के माध्यम से अभिव्यक्त करना है। लेखिका स्टेसी मोडिसेट ने संत सौरभ के जीवन एवं विचारों से प्रेरित विषयों को अपनी साहित्यिक दृष्टि से प्रस्तुत किया है। पुस्तक में मानवता को केंद्र में रखते हुए करुणा और शांति के महत्व को रेखांकित किया गया है। इसके माध्यम से विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के लोगों के बीच परस्पर समझ तथा मानवीय जुड़ाव को महत्व दिया गया है। यह पुस्तक सौहार्द शिरोमणि संत सौरभ जी महाराज, मानद कुलपति, धरा धाम इंटरनेशनल, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत के जीवन-दर्शन और मानवता के संदेश पर आधारित अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक श्रृंखला का हिस्सा है। इस श्रृंखला में विभिन्न देशों के लेखक संत सौरभ के जीवन, दर्शन, सेवा और विश्व सद्भाव से जुड़े विचारों को अपनी-अपनी सांस्कृतिक एवं साहित्यिक दृष्टि से पुस्तकों के माध्यम से प्रस्तुत कर रहे हैं। इसका उद्देश्य साहित्य के माध्यम से मानवता, सेवा, करुणा, शांति और वैश्विक सद्भाव जैसे मूल्यों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद को बढ़ावा देना है। पुस्तक का अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन गीता ज्ञान इंटरनेशनल पब्लिकेशन एवं दिव्य प्रेरक कहानियां ई-पब्लिकेशन सेंटर, भारत द्वारा किया गया है। ‘मानवता का चित्रण’ पुस्तक का कवर जारी होने के साथ यह साहित्यिक श्रृंखला लगातार 16वें दिन एक नई अंतरराष्ट्रीय पुस्तक तक पहुंच गई है।

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