लखीमपुर में 25 केंद्रों पर 60,480 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा:25 और 30 अक्टूबर, 1 नवंबर को दो पालियों में होगा एग्जाम, रेलवे-बस स्टेशन पर बनेंगे हेल्प डेस्क
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2026 को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में 25 परीक्षा केंद्रों पर कुल 60,480 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा 25 और 30 अक्टूबर तथा 1 नवंबर को दो पालियों में आयोजित होगी। परीक्षा को नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में डीएम अंजनी कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए। डीएम ने स्पष्ट किया कि परीक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी गंभीरता से करें। डीएम के मुताबिक, प्रत्येक पाली में 10,080 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। पहली पाली सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली अपराह्न 3 से शाम 5 बजे तक होगी। निर्धारित छह पालियों में कुल 60,480 अभ्यर्थियों के शामिल होने की व्यवस्था की गई है। प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट की सुरक्षा पर जोर एडीएम न्यायिक ब्रजपाल सिंह ने परीक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए प्रश्नपत्रों और ओएमआर शीट की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। प्रश्नपत्रों के वितरण, गोपनीय बॉक्स खोलने, उत्तरपत्रकों के संग्रहण और पैकिंग की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी कराई जाएगी। केंद्र व्यवस्थापकों और कक्ष निरीक्षकों को भी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने को कहा गया। परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और अन्य प्रतिबंधित सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। केंद्रों पर पेयजल और बिजली की व्यवस्था अनिवार्य डीआईओएस विनोद कुमार मिश्र ने केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, स्वच्छ शौचालय, पर्याप्त रोशनी, निर्बाध बिजली आपूर्ति और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा देने आने वाले अभ्यर्थियों को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए विद्यालय प्रबंधन को पहले से सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखनी होंगी। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर बनेंगे हेल्प डेस्क दूसरे जिलों से परीक्षा देने आने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टैंड पर हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे। यहां अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र का पता, वहां पहुंचने का रास्ता और आवागमन से जुड़ी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों को केंद्र तलाशने में परेशानी न हो और वे समय से परीक्षा में शामिल हो सकें।
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