लखनऊ में 68500 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का प्रदर्शन:डिप्टी सीएम का घेरा, पुलिस टांगकर ले गई; एक प्रदर्शनकारी की तबीयत बिगड़ी

Oct 19, 2026 - 13:08
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लखनऊ में 68500 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का प्रदर्शन:डिप्टी सीएम का घेरा, पुलिस टांगकर ले गई; एक प्रदर्शनकारी की तबीयत बिगड़ी
लखनऊ में सोमवार को 68500 सहायक शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास का घेराव किया। नियुक्ति की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान वहां पहुंची पुलिस ने हिरासत में लेना शुरू कर दिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान मनोज नाम के प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी की तबीयत बिगड़ गई। पुलिस पर कपड़े फाड़ने का आरोप प्रदर्शनकारियों ने 'ऐसी क्या मजबूरी है-आरक्षण की चोरी है' और 'पिछड़ा आयोग ने माना है-आरक्षण घोटाला है जैसे नारे लगाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाने का प्रयास किया। पुलिस ने सभी अभ्यर्थियों को टांगकर वहां से ले गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के ऊपर कपड़े फाड़ने अभद्रता के आरोप लगाए। मंत्री-अधिकारियों ने घोटाला माना प्रदर्शन करने आए तूफान सिंह ने बताया कि 10 सितंबर को हम सभी लोगों की मुलाकात बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी के साथ हुई। इस दौरान बेसिक और माध्यमिक विभाग के तमाम आलाधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में दोनों मंत्रियों के साथ अधिकारियों ने भी इस बात को स्वीकार किया कि घोटाला हुआ है। जब राज्य पिछड़ा आयोग ने मान लिया राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग ने मान लिया और अब सरकार में बैठे अधिकारी मंत्री भी स्वीकार कर रहे हैं कि घोटाला हुआ है तो रोजगार क्यों नहीं मिलता। ‘8 साल से चप्पल घिस रहे हैं’ प्रदर्शन कर रहे आशुतोष वर्मा ने कहा कि हम पिछले 8 साल से नौकरी के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में बड़े स्तर पर आरक्षण घोटाला हुआ है। राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी आरक्षण में गड़बड़ी की बात मानते हुए नियमों का पालन करने का आदेश दिया है। ‘नवमी पर प्रदर्शन करना अफसोसनाक’ आशुतोष ने कहा कि हमारी मांग है कि आयोग के आदेशों का पालन किया जाए। वर्ष 2018 में भर्ती निकली थी, तभी हमने फॉर्म भरा था। इसके बाद से आज तक नौकरी की उम्मीद में 8 साल से सिर्फ चप्पल घिस रहे हैं। आज नवमी के दिन जहां लोग पूजा-पाठ में व्यस्त हैं, वहीं हमें यहां से उठाकर इको गार्डन में बैठा दिया जाएगा। आज का पवित्र दिन वहीं गुजर जाएगा। त्योहार के समय प्रदर्शन करना बहुत दुख की बात है, मगर मजबूरी में करना पड़ रहा है।

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