लखनऊ में छात्राओं ने दिखाए 80 विज्ञान मॉडल:जल संरक्षण से सड़क सुरक्षा तक के मॉडल, 50 वर्किंग मॉडल रहे खास
लखनऊ के एपी सेन मेमोरियल गर्ल्स इंटर कॉलेज में शनिवार को विज्ञान प्रदर्शनी 2026-27 का आयोजन किया गया। इसमें कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं ने 80 मॉडल प्रस्तुत किए। इनमें 50 वर्किंग मॉडल रहे। छात्राओं ने विज्ञान और तकनीक के जरिए रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान दिखाए। जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र पांडेय और मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने दीप प्रज्वलित कर और फीता काटकर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। जल संरक्षण से सड़क सुरक्षा तक के मॉडल प्रदर्शनी में वर्षा के पानी से बिजली उत्पादन, वर्षा जल संचयन और कचरे से बिजली बनाने के मॉडल खास रहे। छात्राओं ने रेलवे अंडरपास में जलभराव से होने वाले हादसों को रोकने और भूजल स्तर बढ़ाने के उपाय भी दिखाए। सेंसर से सड़क के गड्ढों की पहचान कर दुर्घटनाओं से बचाव, ड्रिप सिंचाई, स्मार्ट डस्टबिन और टेरेस गार्डन के मॉडल भी प्रदर्शित किए गए। इसके अलावा वाटर साइकल, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, बीजगणितीय सूत्र और आवर्त सारणी से जुड़े मॉडल भी आकर्षण का केंद्र रहे। मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की सलाह डॉ. दिनेश कुमार ने छात्राओं के वर्किंग मॉडल की सराहना की। उन्होंने कहा कि छात्राएं अपने नवाचारों को ऑनलाइन माध्यम से प्रस्तुत और अपलोड करें, ताकि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके। जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र पांडेय ने कहा कि इन मॉडलों का छोटे स्तर पर विद्यालय के दैनिक कार्यों में उपयोग किया जा सकता है। इससे छात्राओं के नवाचारों की उपयोगिता बढ़ेगी। शिक्षिकाओं के मार्गदर्शन में तैयार हुए मॉडल प्रधानाचार्या उषोशी घोष, विज्ञान शिक्षिकाओं सुमन चौधरी, दिव्या जायसवाल, ज्योति तिवारी, डॉ. निधि शर्मा, प्रियंका गुप्ता और रामप्रकाश तिवारी के साथ स्टेम लैब प्रशिक्षक कृतिका जखमोला ने छात्राओं का मार्गदर्शन किया। मॉडलों का मूल्यांकन प्रधानाचार्या उषोशी घोष, सुमन चौधरी और दिव्या जायसवाल के निर्णायक मंडल ने किया।
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