लखनऊ में जुटेंगे 600 से ज्यादा डायबिटीज विशेषज्ञ:9 अक्टूबर से 3 दिवसीय वर्कशॉप का होगा आगाज, 100 से ज्यादा टॉप स्पीकर करेंगे शिरकत
लखनऊ में 9 अक्टूबर से डायबिटीज के इलाज और नई तकनीकों पर देशभर के विशेषज्ञ मंथन करेंगे। तीन दिवसीय ‘यूपीडाकॉन-2026’ में 600 से ज्यादा डॉक्टर और प्रतिनिधि जुटेंगे। यूपी डायबिटीज एसोसिएशन (UPDA) के 25वें रजत जयंती महासम्मेलन में डायबिटीज के बदलते स्वरूप, नए इलाज, दवाओं और जटिलताओं से निपटने के तरीकों पर चर्चा होगी। ब्लड शुगर से आगे मरीज के पूरे स्वास्थ्य पर फोकस इस बार सम्मेलन की थीम ‘डायबिटीज 360 डिग्री: बियॉन्ड नंबर्स, बियॉन्ड टारगेट्स, बियॉन्ड बाउंड्रीज’ रखी गई है। इसमें डायबिटीज को सिर्फ ब्लड शुगर के आंकड़ों और तय लक्ष्यों तक सीमित रखने के बजाय मरीज के संपूर्ण स्वास्थ्य, जीवनशैली और मानसिक स्थिति पर फोकस किया जाएगा। 100 से ज्यादा विशेषज्ञ देंगे व्याख्यान सम्मेलन में 100 से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वक्ता शामिल होंगे। विशेषज्ञ डायबिटीज के नए शोध, दवाओं और जटिलताओं के प्रबंधन से जुड़े विषयों पर व्याख्यान देंगे। युवा रिसर्चर और वरिष्ठ विशेषज्ञ 100 से ज्यादा वैज्ञानिक शोध-पत्र भी प्रस्तुत करेंगे। इंसुलिन से लेकर AI तक पर होगी चर्चा साइंटिफिक चेयरमैन डॉ. नरसिंह वर्मा और आयोजन सचिव डॉ. अभिषेक अरुण ने बताया कि तीन दिनों तक इंसुलिन थेरेपी, कार्डियो-रीनल सुरक्षा, लाइफस्टाइल मॉडिफिकेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर चर्चा होगी। नए शोध और आधुनिक उपचार के तरीकों को भी सामने रखा जाएगा। 25 साल में बदला डायबिटीज का इलाज एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव और आयोजन अध्यक्ष डॉ. अनुज माहेश्वरी ने बताया कि पिछले 25 वर्षों में डायबिटीज के स्वरूप और इलाज में बड़े बदलाव आए हैं। सम्मेलन देशभर के डॉक्टरों को आधुनिक शोध और उपचार के नए तरीकों से जोड़ने का माध्यम बनेगा। आम लोगों को भी जागरूक करने का लक्ष्य मीडिया प्रभारी डॉ.अजय तिवारी ने बताया कि UPDA पिछले ढाई दशक से डायबिटीज की रोकथाम और उपचार के क्षेत्र में काम कर रहा है। सम्मेलन के जरिए डॉक्टरों को नई चिकित्सा जानकारी देने के साथ आम लोगों को भी डायबिटीज के खतरों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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