लखनऊ में प्लॉट-नौकरी का झांसा देकर 97.54 लाख ठगे:खेत और जेवर बेचकर जुटाए थे पैसे; बेटे को जान से मारने की धमकी दी
लखनऊ में वृंदावन योजना में प्लॉट आवंटित कराने और बच्चों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक रिटायर्ड सैन्य अधिकारी के परिवार से करीब 97.54 लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी आवंटन पत्र और अन्य दस्तावेज दिखाकर अलग-अलग किस्तों में रकम वसूली। अब रुपए वापस मांगने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। डीसीपी के आदेश पर पीजीआई पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। पड़ोसियों ने मुलाकात कराई तेलीबाग की सेक्टर-6सी स्थित वृंदावन कॉलोनी निवासी राज किशोरी द्विवेदी (54) के मुताबिक, उनके पति आनंद कुमार द्विवेदी सेना में सूबेदार मेजर के पद से 30 नवंबर 2016 को रिटायर हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद परिवार लखनऊ में बसने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान किराये के मकान में रहने के दौरान उनकी मुलाकात नेकपाल और उसकी पत्नी सोमलता से हुई। आरोप है कि दोनों ने आवास विकास परिषद में प्लॉट दिलाने और बच्चों की नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। इसके लिए उन्होंने राजेंद्र प्रसाद और सिराजुद्दीन से भी मुलाकात कराई। पीड़ित को फर्जी आवंटन पत्र दिया पीड़िता का आरोप है कि अगस्त 2021 से आरोपियों ने प्लॉट आवंटन और कार्यालयी खर्च के नाम पर रकम लेना शुरू किया। बाद में वृंदावन योजना में प्लॉट आवंटित होने का दावा करते हुए उन्हें फर्जी आवंटन पत्र भी दिया गया। आरोपियों ने उनके पति और बच्चों के नाम पर भी प्लॉट आवंटित होने के दस्तावेज दिखाए। इस तरह अलग-अलग तारीखों में चेक और नकद के माध्यम से रकम वसूली गई। बच्चों को नौकरी दिलाने के नाम पर कथित साक्षात्कार के बुलावा पत्र दिखाकर पीड़िता के बेटे और उसके एक मित्र से भी पांच-पांच लाख रुपए लेने का आरोप है। आश्वासन देने के बाद भी रजिस्ट्री नहीं कराई राज किशोरी के अनुसार, आरोपियों ने भरोसा दिलाने के लिए हलफनामा, सहमति पत्र और आवास विकास परिषद के नाम से रसीदें भी दीं। पीड़िता का दावा है कि पति की सेवानिवृत्ति की रकम, खेत और जेवर बेचकर जुटाए गए करीब 97.54 लाख रुपये आरोपियों ने हड़प लिए। दिसंबर 2023 में राजेंद्र के जेल जाने के बाद भी रकम वापस मिलने की उम्मीद में वह इंतजार करती रहीं। आरोप है कि फरवरी-मार्च 2024 तक रजिस्ट्री कराने या रुपये लौटाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पति की मौत के बाद भी धमकाने का आरोप पीड़िता के मुताबिक, 5 अगस्त 2025 को उनके पति की मौत हो गई। इसके बाद भी आरोपियों ने कथित तौर पर उनसे रुपये की मांग की। पीड़िता ने रकम लौटाने को कहा तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। उनका आरोप है कि 25 अक्टूबर 2025 को उन्हें धमकाते हुए कहा गया कि वह अपना पैसा भूल जाएं और उनके बेटे को भी जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि 21 मार्च 2026 की रात करीब 10 बजे दो अज्ञात लोग उनके घर पहुंचे और पुलिस से शिकायत न करने की चेतावनी दी। इससे पूरा परिवार डरा हुआ है। मामले में पीजीआई पुलिस ने डीसीपी के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपों और दस्तावेजों की जांच कर रही है।
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