लखनऊ में सरस्वती महाअर्चना आयोजित:विहेसंत सागर महाराज के सान्निध्य में जुटे श्रद्धालु, ज्ञान व संस्कारों का दिया संदेश

Oct 11, 2026 - 19:33
0
लखनऊ में सरस्वती महाअर्चना आयोजित:विहेसंत सागर महाराज के सान्निध्य में जुटे श्रद्धालु, ज्ञान व संस्कारों का दिया संदेश
लखनऊ में रविवार को उपाध्याय 108 विहेसंत सागर जी महाराज के सान्निध्य में सरस्वती महाअर्चना का भव्य आयोजन किया गया। आराधना के 26वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे लगभग 5 हजार श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ ज्ञान, विवेक और संस्कारों के प्रसार का संदेश दिया गया। उपाध्याय विहेसंत सागर जी महाराज पिछले 25 वर्षों से निरंतर मां सरस्वती की आराधना कर रहे हैं। बताया गया कि उनकी दीक्षा के समय भी मां सरस्वती से जुड़ा विशेष संयोग रहा था। आयोजकों के अनुसार, लगभग 1200 वर्ष प्राचीन मां सरस्वती की प्रतिमा उत्तर प्रदेश के इटावा के पास स्थित हंसेही गांव में भूगर्भ से प्राप्त हुई थी। खुदाई के दौरान करीब साढ़े तीन हजार खंडित प्रतिमाएं मिली थीं, जिनमें पांच प्रतिमाएं साबुत थीं। इनमें मां सरस्वती की एक प्रतिमा उपाध्याय विहेसंत सागर जी महाराज को प्राप्त हुई थी। इसके बाद उन्होंने सरस्वती आराधना को व्यापक स्वरूप दिया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य अतिथि अमनीश अवस्थी ने सहभागिता कर मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त किया। इंदौर से आईं सपना और मनीष जैन भी समारोह में शामिल हुए। बाबू कैलाश चंद्र जैन ने मंच का उद्घाटन किया, जबकि कुशम और अभिषा ने दीप प्रज्वलित किया। धार्मिक अनुष्ठान में सौधर्म इंद्र के रूप में संजय जैन और मीना जैन ने सहभागिता की। कुबेर के रूप में अमृत जैन और शिखा जैन शामिल हुए। चक्रवर्ती के रूप में विकास जैन परिवार ने भाग लिया, जबकि महायज्ञनायक के रूप में निर्मल जैन और छाया जैन ने अनुष्ठान किया। कार्यक्रम में आशु जैन, नीरज जैन, वैभव जैन और गुंजन जैन सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी सिद्धार्थ जैन ने बताया कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों और जिलों से श्रद्धालु पहुंचे। आयोजकों के अनुसार, मां सरस्वती की आराधना से एकाग्रता, इच्छाशक्ति और बुद्धि के विकास की प्रेरणा मिलती है। आयोजन का उद्देश्य बच्चों, युवाओं और समाज के सभी वर्गों में ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है। रविवार सुबह 11 बजे ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न हुआ।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User