मैनपुरी में चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी:इंडिया गठबंधन ने मतदाता सूची और FIR को लेकर उठाए सवाल
मैनपुरी में गुरुवार को इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में प्रदर्शन किया। सपा जिला कार्यालय से शुरू हुआ पैदल मार्च शहर के प्रमुख मार्गों, जेल चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निष्पक्ष तरीके से काम नहीं करने का आरोप लगाया। नेताओं ने हालिया एफआईआर और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को लेकर सवाल उठाते हुए चुनाव आयुक्त को पद से हटाने या इस्तीफा लेने की मांग की। गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे सपा जिला कार्यालय पर इंडिया गठबंधन के नेता और कार्यकर्ता जुटे। यहां से सभी पैदल मार्च करते हुए शहर के मुख्य मार्ग से निकले। जेल चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष संवैधानिक संस्था के रूप में काम करना चाहिए, लेकिन मौजूदा समय में उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किया सपा जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने हाल में दर्ज एफआईआर और चुनाव से जुड़ी प्रक्रियाओं को असंवैधानिक बताया। उनका कहना था कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे पात्र मतदाताओं को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने फॉर्म-6 को लेकर ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया था, जिससे नए मतदाताओं के नाम जुड़वाने में परेशानी हो। प्रदर्शनकारी नेताओं ने दावा किया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। गठबंधन नेताओं ने मांग की उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 18 करोड़ से अधिक वोट काटे गए हैं। गठबंधन नेताओं ने मांग की कि हालिया एफआईआर और विवादित चुनावी प्रक्रियाओं को तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं के नाम पहले की तरह बीएलओ के माध्यम से फॉर्म-6 भरवाकर मतदाता सूची में जोड़े जाएं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)