मौत से पहले दो बार थाने पहुंचकर मांगी थी मदद:सिविल सर्विस की तैयारी करने का था सपना, मारपीट, कमरे में बंद रखने और करंट लगाकर जान लेने की कोशिश के लगाए थे आरोप
सहारनपुर में अपने पैरों पर खड़े होकर जिंदगी में आगे बढ़ने का सपना देखने वाली 27 वर्षीय कोमल की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागल थाना क्षेत्र के लखनौर गांव में कोमल की गला दबाकर हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप उसके छोटे भाई आशीष पर है। कोमल गांव में ग्राम पंचायत सहायिका के पद पर काम करती थी। नौकरी के साथ वह सिविल सर्विस की तैयारी करना चाहती थी और अपने भविष्य से जुड़े फैसले खुद लेना चाहती थी। लेकिन परिवार के साथ उसके विवाद लगातार बढ़ रहे थे। इस मामले का सबसे अहम पहलू यह है कि कोमल ने मौत से पहले ही अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस से मदद मांगी थी। उसने नागल थाने में दो अलग-अलग शिकायतें देकर परिवार के सदस्यों पर मारपीट करने, कमरे में बंद रखने, पढ़ाई और नौकरी में बाधा डालने तथा करंट लगाकर जान लेने की कोशिश करने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। एक शिकायत में उसने जान से मारने की धमकी मिलने की बात भी कही थी। इसके बावजूद उसे सुरक्षा मिली या नहीं और उसकी शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई, यह अब जांच का महत्वपूर्ण विषय है। नौकरी कर रही थी, सिविल सर्विस में जाने की थी इच्छा लखनौर गांव की रहने वाली कोमल ग्राम पंचायत सहायिका के तौर पर काम कर रही थी। वह अपनी नौकरी तक सीमित नहीं रहना चाहती थी, बल्कि आगे पढ़ाई करके सिविल सर्विस में जाने की तैयारी करना चाहती थी। इसके लिए वह अपनी जिंदगी में स्वतंत्रता चाहती थी। कोमल की शिकायतों से पता चलता है कि परिवार के साथ उसका विवाद उसकी पढ़ाई, नौकरी और निजी जिंदगी से जुड़े फैसलों को लेकर था। कोमल ने पुलिस को दी गई शिकायत में खुद को बालिग बताते हुए कहा था कि उसे अपनी जिंदगी के फैसले लेने का अधिकार है। वह क्या करेगी, कहां जाएगी और कब शादी करेगी, इन विषयों पर फैसला खुद लेना चाहती थी। उसका कहना था कि वह अपने फैसलों की जिम्मेदारी खुद उठाने के लिए तैयार है। उसने आरोप लगाया था कि परिवार के सदस्य उसे आगे बढ़ने से रोक रहे हैं। पढ़ाई जारी रखने और नौकरी करने को लेकर भी विरोध किया जा रहा है। उसके मुताबिक, परिवार में उसके साथ मारपीट की जाती थी और उसे कमरे में बंद करके रखा जाता था। इन परिस्थितियों के बीच कोमल अपनी पढ़ाई और भविष्य को लेकर संघर्ष कर रही थी। 20 सितंबर को करंट लगाकर मारने की कोशिश का लगाया था आरोप कोमल ने नागल थाने में दी गई दूसरी शिकायत में 20 सितंबर 2026 की एक घटना का जिक्र किया था। उसने आरोप लगाया था कि उस दिन उसे करंट लगाकर जान से मारने की कोशिश की गई। शिकायत में उसने परिवार के सदस्यों पर मारपीट करने और कमरे में बंद रखने का आरोप भी लगाया था। कोमल ने पुलिस को बताया था कि परिवार के लोग उसकी पढ़ाई और नौकरी में बाधा डाल रहे हैं। उसने अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी। शिकायत में जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप भी शामिल था। इन शिकायतों से यह स्पष्ट होता है कि कोमल और उसके परिवार के बीच विवाद पहले से चल रहा था। हालांकि, शिकायतों में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच से ही हो सकती है। अब हत्या के मामले के सामने आने के बाद यह पता लगाना जरूरी हो गया है कि कोमल की शिकायतों पर उस समय क्या कदम उठाए गए थे। पहली शिकायत में कहा था- अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेना चाहती हूं कोमल ने अपनी पहली शिकायत में भी परिवार के साथ विवाद और अपनी स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया था। उसने पुलिस को बताया था कि वह बालिग है और अपनी जिंदगी से जुड़े फैसले लेने में सक्षम है। वह अपने भविष्य को अपनी इच्छा के अनुसार तय करना चाहती थी। शादी को लेकर भी कोमल का कहना था कि यह फैसला वह अपनी मर्जी से करेगी। उसने स्पष्ट किया था कि वह अपनी जिंदगी में जो भी निर्णय लेगी, उसकी जिम्मेदारी खुद उठाएगी। कोमल की शिकायतों में पढ़ाई, नौकरी और अपनी इच्छा से जीवन जीने की बात प्रमुखता से सामने आई थी। उसका कहना था कि परिवार के सदस्य उसकी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने में बाधा बन रहे हैं। वह आगे बढ़ना चाहती थी, लेकिन घर में चल रहे विवाद के कारण खुद को परेशान महसूस कर रही थी। मां राजवती ने भी थाने में दी थी शिकायत इस मामले में परिवार की ओर से भी पुलिस को शिकायत दी गई थी। कोमल की मां राजवती ने नागल थाने में शिकायत देकर कहा था कि उनकी बेटी अपनी इच्छा से घर छोड़कर जाना चाहती है। शिकायत में 22 सितंबर 2026 के बाद कोमल से संबंध नहीं रखने की बात कही गई थी। मां की शिकायत के मुताबिक, इसके बाद कोमल उनके घर, परिवार या रिश्तेदारी में नहीं आएगी। इस शिकायत पर पिता बिजेंद्र, भाई आशीष, भाई कमल किशोर, मां राजवती और कोमल के हस्ताक्षर होने की बात सामने आई है। एक तरफ कोमल अपनी शिकायतों में परिवार के सदस्यों पर उत्पीड़न और जान का खतरा होने के आरोप लगा रही थी, वहीं दूसरी तरफ मां की शिकायत में उससे संबंध खत्म करने की बात कही गई थी। ये दोनों पक्षों की शिकायतें परिवार के भीतर गंभीर मतभेद होने की ओर इशारा करती हैं। विवाद किस वजह से शुरू हुआ और किस तरह बढ़ता गया, इसकी पूरी तस्वीर जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। हालांकि एक युवक से अफेयर इस हत्या की साजिश चर्चा है। दो शिकायतों के बाद भी कोमल की सुरक्षा क्यों नहीं हो सकी? कोमल की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल पुलिस की भूमिका को लेकर उठ रहा है। उसने एक बार नहीं, बल्कि दो बार थाने पहुंचकर अपनी परेशानी बताई थी। शिकायतों में मारपीट, कमरे में बंद रखने, करंट लगाकर जान लेने की कोशिश और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद क्या कार्रवाई की थी। क्या आरोपों की जांच की गई? क्या कोमल के बयान दर्ज किए गए? क्या परिवार के सदस्यों से पूछताछ हुई? क्या कोमल को संभावित खतरे से बचाने के लिए कोई कदम उठाया गया था?
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