मायावती से मिलने पहुंचे कांग्रेस नेता लौटे खाली हाथ, बसपा प्रमुख ने नहीं दिया मिलने का समय

कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया और कई नेता बसपा प्रमुख मायावती से मिलने उनके आवास पहुंचे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। घटना के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

मायावती से मिलने पहुंचे कांग्रेस नेता लौटे खाली हाथ, बसपा प्रमुख ने नहीं दिया मिलने का समय

दि राइजिंग न्यूज | लखनऊ | 20 मई 2026

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बुधवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब कांग्रेस के कई नेता बहुजन समाज पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती से मिलने उनके आवास पहुंचे, लेकिन उन्हें बिना मुलाकात लौटना पड़ा। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि आगामी राजनीतिक रणनीति और विपक्षी समीकरणों को लेकर यह मुलाकात अहम मानी जा रही थी।कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया और वरिष्ठ नेता राजेंद्र पाल गौतम समेत कई नेता मायावती के आवास पहुंचे थे। नेताओं ने बसपा प्रमुख से मुलाकात की इच्छा जताई, लेकिन सुरक्षा कर्मियों के जरिए संदेश भेजे जाने के बाद भी उन्हें मिलने का समय नहीं मिला। इसके बाद सभी नेता वापस लौट गए।


मायावती से मुलाकात न होने पर तेज हुई राजनीतिक चर्चा

मुलाकात नहीं होने की खबर सामने आते ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लोकसभा चुनाव और बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच कांग्रेस और बसपा के बीच संभावित बातचीत को लेकर पहले से ही अटकलें लगाई जा रही थीं।ऐसे समय में कांग्रेस नेताओं का अचानक मायावती के घर पहुंचना कई सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने इसे केवल शिष्टाचार मुलाकात बताया, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे सामान्य मुलाकात मानने को तैयार नहीं हैं।


राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे से भी जोड़ा जा रहा मामला

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित उत्तर प्रदेश दौरे से पहले यह मुलाकात काफी अहम मानी जा रही थी। माना जा रहा था कि विपक्षी एकजुटता और दलित वोट बैंक को लेकर कांग्रेस कुछ नई रणनीति पर काम कर रही है।हालांकि मायावती द्वारा मुलाकात से इनकार किए जाने के बाद अब इस पूरे घटनाक्रम को अलग नजरिए से देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बसपा फिलहाल दूरी बनाकर चलने की रणनीति अपना रही है।


तनुज पुनिया ने बताई मुलाकात की वजह

कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यालय में अनुसूचित जाति विभाग की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में राजेंद्र पाल गौतम समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे और उसी दौरान मायावती के स्वास्थ्य को लेकर चर्चा हुई। चूंकि कांग्रेस कार्यालय मायावती के आवास के पास ही है, इसलिए सभी नेताओं ने तय किया कि बसपा प्रमुख का हालचाल लिया जाए। तनुज पुनिया के अनुसार यह केवल सामान्य शिष्टाचार मुलाकात थी और इसका कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं था।


दलित समाज की बड़ी नेता हैं मायावती

तनुज पुनिया ने कहा कि मायावती दलित समाज की एक बड़ी और वरिष्ठ नेता हैं। उनकी उम्र भी करीब सत्तर वर्ष हो चुकी है, इसलिए नेताओं ने सोचा कि उनसे मुलाकात कर उनका हालचाल पूछा जाए।उन्होंने यह भी कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना या फोन किए सभी लोग सीधे वहां पहुंच गए थे। कांग्रेस सांसद के अनुसार यदि मायावती व्यस्त नहीं होतीं तो केवल दो मिनट की मुलाकात कर हालचाल पूछना था, लेकिन समय नहीं मिलने के कारण सभी वापस लौट आए।


बसपा की ओर से नहीं आई कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया

फिलहाल इस पूरे मामले पर बहुजन समाज पार्टी या मायावती की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बसपा ने यह साफ नहीं किया है कि मुलाकात का समय क्यों नहीं दिया गया।हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच बसपा फिलहाल किसी भी तरह का खुला राजनीतिक संकेत देने से बचना चाहती है।


उत्तर प्रदेश की राजनीति में बढ़ी हलचल

इस घटनाक्रम के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। कांग्रेस और बसपा के रिश्तों को लेकर एक बार फिर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग इस मुलाकात और मायावती के फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं।कुछ लोग इसे सामान्य शिष्टाचार मुलाकात बता रहे हैं, जबकि कई लोग इसे आगामी चुनावों से पहले विपक्षी राजनीति का हिस्सा मान रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक बयान सामने आ सकते हैं।