मेंटल हेल्थ दिवस:मानसिक स्वास्थ्य के हर 5वें मरीज को डिप्रेशन, अकेलेपन से शुरू हो रहीं समस्याएं; युवा हो रहे ज्यादा शिकार

Oct 10, 2026 - 07:11
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मेंटल हेल्थ दिवस:मानसिक स्वास्थ्य के हर 5वें मरीज को डिप्रेशन, अकेलेपन से शुरू हो रहीं समस्याएं; युवा हो रहे ज्यादा शिकार
मानसिक चिकित्सालय में आने वाला हर पांचवा मरीज डिप्रेशन से पीडित है। मनोचिकित्सक डॉ. अजय कुमार सिंह बताते हैं ओपीडी में रोजाना 700 से 800 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें 60 से 100 नए मरीज होते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, नए मरीजों में हर पांचवें को डिप्रेशन की समस्या है। मनोचिकित्सक डॉ. अजय कुमार सिंह के मुताबिक पिछले दो-तीन साल में एंग्जाइटी, डिप्रेशन और इंटरनेट की लत से जुड़ी समस्याओं के मरीज देखने को मिल रहे हैं। आर्थिक परेशानी, नौकरी का संकट और घरेलू समस्याएं तनाव बढ़ा सकती हैं। वहीं, मनोचिकित्सक डॉ. उपासना राय के मुताबिक, अकेलापन, रिश्तों में तनाव और परिवार में बातचीत की कमी भी मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। पिछले दो-तीन साल में एंग्जाइटी और डिप्रेशन के मरीज देखे जा रहे मनोचिकित्सक डॉ. अजय कुमार सिंह के मुताबिक, पिछले दो-तीन साल में एंग्जाइटी, डिप्रेशन, इंटरनेट एडिक्शन और नशे से जुड़ी समस्याओं के मरीज देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज में मानसिक स्वास्थ्य को अब भी उतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता, जितनी शारीरिक स्वास्थ्य को। कई बार लोग मानसिक परेशानी को सामान्य तनाव मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि व्यवहार में बदलाव इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं। अकेलापन और बातचीत की कमी भी बन सकती है वजह मनोचिकित्सक डॉ. उपासना राय ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं के पीछे मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारण हो सकते हैं। उनके मुताबिक, लोगों में धैर्य की कमी, रिश्तों में तालमेल की परेशानी और परिवार में एडजस्टमेंट की समस्या तनाव बढ़ा सकती है। उन्होंने कहा कि पहले संयुक्त परिवारों में लोग साथ रहते थे और अपनी भावनाएं एक-दूसरे से साझा करते थे। अब लोग अपने-अपने फोन में व्यस्त रहते हैं और आमने-सामने बातचीत कम हो रही है। ऑनलाइन दोस्तों की संख्या बढ़ने के बावजूद कई बार लोग अपनी परेशानी साझा करने के लिए किसी करीबी को नहीं ढूंढ पाते। डॉ. राय के मुताबिक, माता-पिता और बच्चों के बीच बातचीत की कमी भी चिंता का विषय है। कई बार बच्चे परेशान रहते हैं, लेकिन उनके माता-पिता को यह पता नहीं होता कि वे किस समस्या से गुजर रहे हैं। आर्थिक संकट, नौकरी और घरेलू तनाव का असर डॉ. अजय कुमार सिंह के मुताबिक, आर्थिक संकट, नौकरी से जुड़ी परेशानी और घरेलू समस्याएं व्यक्ति में तनाव बढ़ा सकती हैं। लंबे समय तक तनाव रहने पर भावनाओं और व्यवहार में बदलाव आ सकते हैं। डॉ. उपासना राय ने रिश्तों में परेशानी, गुस्से और आपसी तालमेल की कमी को भी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों में शामिल किया। हालांकि, हर व्यक्ति में मानसिक समस्या का कारण एक जैसा नहीं होता। कई बार अलग-अलग कारण मिलकर परेशानी बढ़ाते हैं। दिमाग के रसायनों का भी होता है संबंध मानसिक परेशानी को केवल एक कारण से नहीं समझा जा सकता। तनाव, व्यक्ति की परिस्थितियां और जैविक कारक भी भूमिका निभा सकते हैं। मौसम के साथ मूड में भी बदलाव डॉ. उपासना राय ने बताया कि मौसम के साथ मूड में बदलाव भी देखा जा सकता है। व्यायाम, काउंसलिंग और दवा से हो सकता है इलाज डॉ. अजय कुमार सिंह के मुताबिक, मानसिक परेशानी होने पर व्यक्ति को अपनी बात परिवार के किसी सदस्य, दोस्त या भरोसेमंद व्यक्ति से साझा करनी चाहिए। व्यायाम, योग, मेडिटेशन और माइंडफुलनेस से भी मदद मिल सकती है। यदि परेशानी बनी रहती है, तो मनोचिकित्सक से सलाह लेकर जरूरत के अनुसार दवा और काउंसलिंग कराई जा सकती है। डॉ. उपासना राय के मुताबिक, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बावजूद कई लोग समाज के डर या दवाओं को लेकर गलत धारणाओं के कारण इलाज कराने से बचते हैं। इससे इलाज में देरी हो सकती है। समय पर पहचान और इलाज से स्थिति में सुधार लाने में मदद मिल सकती है।

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