'मेरे आदमियों को परेशान कर जेल भेज देंगे':भाजपा नेता बोले- लूट का खुलासा नहीं कर पाएगी पुलिस, इंस्पेक्टर सस्पेंड
भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश मंत्री व पूर्व ब्लाक प्रमुख और रीयल इस्टेट पीतांबरा ग्रुप के निदेशक रमेश यादव के फार्म हाउस में उन्हें बंधक बनाकर लूट करने का मामला पेंचीदा होता जा रहा है। एक ओर जांच में जुटी पुलिस को कोई क्लू नहीं मिल रहा, वहीं दूसरी ओर परिस्थितियां घटना को लेकर सवाल पर सवाल खड़ी कर रही हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि रमेश यादव के यहां करीब 30 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इनमें सिर्फ वहीं कैमरा खराब मिला है, जहां से लुटेरे दीवार फांदकर अंदर घुसे। अधिकारियों की माने तो इससे साफ है कि वारदात करने वाले बदमाशों को कैमरों की पूरी जानकारी थी। यह जानकारी अंदर के किसी शख्स ने दी या रमेश यादव का ही कोई पुराना कर्मचारी इस वारदात में शामिल है, अब इसकी जांच चल रही है। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि नकाबपोश जहां से घुसे वहां दीवार पर लगा कैमरा काम नहीं कर रहा था, जबकि अन्य सभी कैमरों के सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। पुलिस बोली, जांच में सहयोग नहीं कर रहे भाजपा नेता भाजपा नेता रमेश यादव लूटकांड की जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। बुधवार को डीसीपी साउथ ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जब पुलिस ने उनके सुरक्षाकर्मियों से पूछताछ शुरू की तो भाजपा नेता ने आरोप लगाते हुए कहा कि लूटकांड का खुलासा तो पुलिस कर नहीं पाएगी, उल्टे उनके कर्मचारियों को ही प्रताड़ित कर जेल भेज देगी। इसलिए वह अपने निजी सुरक्षा कर्मियों और स्टाफ से पूछताछ करने की अनुमति नहीं देंगे। बता दें भाजपा नेता की सुरक्षा में 6 निजी सुरक्षाकर्मी और 6 स्टॉफ के लोग हैं। जिनसे पुलिस ने पूछताछ करनी शुरू की तो भाजपा नेता ने मना कर दिया, हालांकि भाजपा नेता रमेश यादव ने पुलिस की इस बात का खंडन किया। उन्होंने साफ कहा कि पूछताछ में किसी तरह की रोक नहीं है। घटना हुई है तो पूछताछ भी होगी, वह जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। वहीं पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश मंत्री को तमंचे के बल पर बंधक बनाकर लूटने की जानकारी लखनऊ तक पहुंच गई। खुद मुख्यमंत्री ने इस संबंध में पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने घटना के जल्द से जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए। उधर, लूट की वारदात की गाज सेन पश्चिम पारा थाना प्रभारी पर गिरी। पुलिस आयुक्त के आदेश पर उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।
भाजपा नेता के साथ काम करने वाले दो उठाए भाजपा नेता के फार्म हाउस लूटकांड में पुलिस ने नौबस्ता निवासी प्रियांशु तिवारी और ग्वालटोली के हिमांशु दुबे को पूछताछ के लिए उठाया है। पुलिस की जांच में आया है कि दोनों वर्ष 2023 में भाजपा नेता के लिए काम करते थे। तीन लाख रुपये चोरी के मामले में भाजपा नेता ने दोनों को निकाल दिया था। इनमें से एक लंबा है जबकि दूसरा नाटे कद का बताया जा रहा है। पुलिस ने इनकी सीडीआर निकाली तो सप्ताह भर पहले इनकी लोकेशन भी गांव में मिली है। घटना वाले दिन इनका मोबाइल बंद होने की बात सामने आयी है। ऐसे में दोनों पर पुलिस का शक गहराता जा रहा है। पूछताछ में दोनों ने नौकरी से निकाले जाने के बाद नेवरी गांव न जाने की बात पुलिस को बात पुलिस को बतायी। पुलिस ने हिमांशु दुबे के अकाउंट की जांच की तो हर दिन 20 से 25 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन मिला है। पुलिस को जानकारी मिली है कि वह जुएं का लती है। उस पर काफी कर्ज है। हालांकि रमेश यादव ने बताया कि वह दोनों को पहचानते हैं। प्रियांशु और हिमांशु उनकी सुरक्षा में लगे थे। प्रियांशु समय से नहीं आता था इसलिए उसे निकाला था जबकि हिमांशु ने दीवाली के त्योहार पर लॉकर से डेढ़ लाख रुपये चोरी कर लिए थे। तब उसे निकाला था। बाद में उसकी मां ने धीरे-धीरे करके रुपये लौटा दिए थे। भाजपा नेता ने बताया कि जो दो नकाबपोश आए थे, उन लोगों में इनमें से कोई नहीं था। उनकी आवाज अच्छे से पहचानते हैं। गांव के शातिर अपराधियों की खंगाल रहे कुंडली पुलिस बीटीएस टावर डंप करने के साथ ही आसपास के शातिर अपराधियों की कुंडली भी खंगाल रही है। पुलिस के मुताबिक ऐसे दो दर्जन से ज्यादा शातिरों की कुंडली खंगाली जा रही है। बीटीएस टॉवर डंप में 35 हजार से ज्यादा नंबर आए हैं। इनमें लगातार उसे क्षेत्र में सक्रिय रहने वाले बाहरी नंबरों की पड़ताल की जा रही है। एक दो दिन में सूची से संदिग्ध नंबर सामने आ जाएंगे। जिसके बाद कुछ और लोगों से पूछताछ करने की बात पुलिस ने कही है। उधर, भाजपा नेता के साथ रहने वाले निजी सुरक्षा कर्मियों और उनके सेवादारों की भी कुंडली पुलिस खंगाल रही है। डीसीपी साउथ ने बताया कि अब तक सात संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। सुरक्षा हटा लें अधिकारी वारदात के बाद भाजपा नेता ने पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा की मांग की थी। इसमें उन्होंने एक दरोगा और चार पुलिसकर्मियों को सुरक्षा में तैनात करने को कहा था। इस बात के चर्चा में आने के बाद भाजपा नेता रमेश यादव ने कहा, उन्होंने कभी सुरक्षा नहीं मांगी। वारदात के बाद जो पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं, उन्हें भी हटाने को कहा है। ग्राम प्रधान ने क्यों दी तहरीर ? पुलिस लूटकांड की वारदात को लेकर सवालों में उलझी हुई हैं। सबसे पहला सवाल है कि वारदात भाजपा नेता रमेश यादव के साथ हुई है तो नेवरी ग्राम प्रधान राम नरेश यादव ने तहरीर क्यों दी। दूसरा सवाल है कि रात 11:37 पर नकाबपोश वारदात को अंजाम देकर भाग निकले। भाजपा नेता के हाथ, पांव बंधे थे, जबकि मुंह में कपड़ा ठूस कर टेप लगा था। इसके बाद भी उन्होंने 11:42 बजे ग्राम प्रधान को फोन कर दिया। महज पांच मिनट में उन्होंने अपने टेप कैसे खोले और मुंह पर टेप लगा होने के बाद भी बात कैसे की। घटना के करीब 7 मिनट में थाना प्रभारी भी पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। इस तरह के कई सवाल पुलिस के पास हैं जिनक सवाल ढूंढे जा रहे हैं।
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