मेरठ में 200 से ज्यादा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ताले:लखनऊ में हड़ताल पर बैठे सीएचओ, लगभग 4000 मरीज रोजाना हो रहे प्रभावित
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल का असर मेरठ में भी दिखाई देने लगा है। 30 सितंबर से जिले के 200 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर सीएचओ की नियमित सेवाएं प्रभावित हैं। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशभर के सीएचओ लखनऊ के इको गार्डन में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को लेकर शासन स्तर पर आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन कई प्रमुख मांगों पर अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसके चलते प्रदेशभर के सीएचओ ने आंदोलन का निर्णय लिया है। ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर असर सीएचओ के कार्य बहिष्कार के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर मिलने वाली नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। मेरठ में 200 से अधिक केंद्रों पर सीएचओ की अनुपस्थिति का असर मरीजों और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। प्रदेशभर के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। संगठन ने सरकार से तत्काल वार्ता कर मांगों का समाधान करने की मांग की है। सीएचओ का कहना है कि जब तक मांगों पर ठोस समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। ऐसे में हड़ताल लंबी चलने पर ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य सेवाओं पर असर बढ़ने की संभावना है। एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स उत्तर प्रदेश के मेरठ जिला अध्यक्ष हेमराज कुमार ने बताया कि वर्ष 2024 में हुई हड़ताल के दौरान सरकार की ओर से सीएचओ का कैडर निर्माण कर उन्हें नियमित करने का आश्वासन दिया गया था। संगठन का कहना है कि इस आश्वासन को करीब दो साल बीत चुके हैं, लेकिन कैडर निर्माण और नियमितीकरण की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। हेमराज कुमार ने कहा कि सीएचओ स्वास्थ्य विभाग की कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में उनकी भूमिका अहम है। इसके बावजूद लंबे समय से चली आ रही मांगों का समाधान नहीं किया गया। इसी कारण प्रदेश के सीएचओ को अनिश्चितकालीन आंदोलन का निर्णय लेना पड़ा है।
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